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कांग्रेस विधायकों का व्यवहार अविश्वसनीय, घातक और दुर्भाग्यपूर्ण : शकील अहमद खान

पटना, 17 मार्च (आईएएनएस)। राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस के तीन विधायकों के वोट नहीं डालने को कांग्रेस नेता शकील अहमद खान ने अविश्वसनीय, घातक और दुर्भाग्यपूर्ण बताया है।
 
कांग्रेस विधायकों का व्यवहार अविश्वसनीय, घातक और दुर्भाग्यपूर्ण : शकील अहमद खान

पटना, 17 मार्च (आईएएनएस)। राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस के तीन विधायकों के वोट नहीं डालने को कांग्रेस नेता शकील अहमद खान ने अविश्वसनीय, घातक और दुर्भाग्यपूर्ण बताया है।

बिहार की पांच राज्यसभा सीटों पर एनडीए के क्लीन स्वीप में कांग्रेस के उन तीन विधायकों ने अहम रोल निभाए, जो वोट देने के लिए नहीं पहुंचे। इसे लेकर बिहार की राजनीति में चर्चाएं तेज हैं कि आखिर क्या हुआ?

जहां तीन कांग्रेस विधायकों ने प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम का हवाला देते हुए कहा कि उनके कहने पर वोट नहीं दिया। प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि हमारे विधायक चोरी किए गए। भाजपा पर धनबल का आरोप भी लगा।

पटना में आईएएनएस से बातचीत में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शकील अहमद खान ने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। एक बार जब पार्टी का फैसला हो जाता है, तो नियमों के अनुसार यह आवश्यक होता है कि भाजपा को हराने के लिए पूरा प्रयास किया जाए। तीनों विधायक कांग्रेस के सिंबल पर जीतकर आए हैं। राज्यसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस विधायकों का व्यवहार अविश्वसनीय, घातक और दुर्भाग्यपूर्ण है।

कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष पर लगाए जा रहे आरोपों पर शकील अहमद खान ने कहा कि लोग अपने-अपने बहाने बना सकते हैं। आरोप लगाना उनकी स्वतंत्रता है, लेकिन वे वोट देने के लिए नहीं पहुंचे। पार्टी ने तीनों विधायकों को निर्देश दिया था और अपना निर्णय स्पष्ट कर दिया था। जब पार्टी का फैसला हो गया था, तो विधायकों को मतदान के दौरान उपस्थित होकर भाजपा को हराने का पूरा प्रयास करना चाहिए था।

उन्होंने पैसों के लेन-देन के आरोपों पर कहा कि यह एक तरह से चलन बनता जा रहा है। पैसों के मामलों में समय-समय पर अजीबो-गरीब घटनाएं सामने आती रही हैं, जहां लोग पैसों के आधार पर वोट डालते हैं। भाजपा के शासनकाल में इस तरह की प्रवृत्ति और मजबूत हुई है।

उन्होंने कहा कि इस तरह का तंत्र अधिक सक्रिय हुआ है और इसका नुकसान सभी को होगा। राजनीतिक दलों के बीच विश्वास कम होता जाएगा। यह एक बेहद गलत परंपरा बनती जा रही है। हमारे विधायक जो कारण दे रहे हैं, उनका कोई ठोस आधार नहीं है। अगर उन्हें पार्टी से कोई समस्या थी, तो उन्हें पार्टी फोरम पर आकर अपनी बात रखनी चाहिए थी। हम भी उसी मंच पर चर्चा करते। जिस जनता के वोट से ये विधायक जीतकर आए हैं, वही जनता अब उनसे सवाल पूछेगी, और उन्हें जवाब देना होगा।

--आईएएनएस

डीकेएम/एबीएम