कांग्रेस सांसद एवं पूर्व जेएनयू प्रोफेसर अंगोमचा बिमोल अकोइजम हो तत्काल गिरफ्तार: अभाविप
नई दिल्ली, 14 अक्टूबर (आईएएनएस)। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप), जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) इकाई द्वारा बुधवार को विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार पर कांग्रेस सांसद एवं जेएनयू प्रोफेसर अंगोमचा बिमोल अकोइजम के विरुद्ध यौन उत्पीड़न के आरोपों के मामले में गिरफ्तारी की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन और पुतला दहन कर अपना विरोध दर्ज कराया।
अभाविप ने मांग की है कि विश्वविद्यालय द्वारा प्रोफेसर पद से बर्खास्त किए जा चुके अंगोमचा बिमोल अकोइजम के मामले में पुलिस त्वरित एवं निष्पक्ष कार्रवाई करे तथा कानून के अनुरूप उनकी तत्काल गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए। एक ओर 'लड़की हूं लड़ सकती हूं' नारा और दूसरी ओर कांग्रेस के सांसद-विधायक द्वारा समय-समय पर यौन शोषण की घटना के बाद कांग्रेस का 'मौन' उनके पाखंडी चरित्र को उजागर कर रही है। एक ओर महिला सुरक्षा और अधिकारों की बात की जाती है, वहीं दूसरी ओर कांग्रेस पार्टी के जनप्रतिनिधियों से जुड़े यौन उत्पीड़न के गंभीर मामलों में स्पष्ट जवाबदेही के प्रश्न पर कांग्रेस पार्टी की चुप्पी उनकी राजनैतिक मानसिकता को दर्शाता है।
बता दें कि महिला सुरक्षा और महिलाओं के सम्मान का ढोंग करने वाली पार्टी अपने सांसद से जुड़े इस गंभीर मामले में तटस्थ रुख अपना रही है। जब किसी शैक्षणिक संस्थान के द्वारा कार्यवाही और पुलिस में एफआईआर भी दर्ज हो गई हो, तब मामले को केवल राजनीतिक विवाद बताकर टालना उचित नहीं है।
कांग्रेस पार्टी इस मामले में स्पष्ट जवाबदेही सुनिश्चित करे और कानून के अनुसार होने वाली कार्रवाई में किसी प्रकार का राजनीतिक दबाव बाधा न बने। यह पहली घटना नहीं है जहां किसी कांग्रेस या एनएसयूआई से जुड़े व्यक्ति पर यौन शोषण के आरोप लगे है इससे पूर्व भी कांग्रेसी ऐसे मामलों में संलिप्त पाएं गए है। शैक्षणिक संस्थानों में छात्राओं की सुरक्षा, गरिमा और सम्मान सर्वोपरि हैं।
किसी भी व्यक्ति का राजनीतिक पद, प्रभाव अथवा संगठनात्मक निकटता कानून के समक्ष जवाबदेही से बचने का आधार नहीं बनना चाहिए। हम दिल्ली पुलिस प्रशासन से यह मांग करते है कि किसी भी राजनीतिक दबाव के बिना कार्रवाई की जाए और छात्राओं के लिए सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण सुनिश्चित किया जाए।
जेएनयू अभाविप इकाई अध्यक्ष मयंक पांचाल ने कहा, “महिला सुरक्षा केवल नारों और भाषणों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। "लड़की हूं लड़ सकती हूं" आंदोलन करके महिला अधिकारों की बात करने वाली कांग्रेस को अपने जनप्रतिनिधियों से जुड़े गंभीर मामलों पर भी स्पष्ट और जवाबदेह रुख अपनाना चाहिए। जेएनयू में छात्राओं की शिकायतों पर आंतरिक समिति की जांच के बाद अंगोमचा बिमोल अकोइजम को प्रोफेसर पद से बर्खास्त किया जा चुका है और मामले में एफआईआर भी दर्ज है। अभाविप की स्पष्ट मांग है कि इस अपराधी को तुरंत गिरफ्तार किया जाए और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित हो। महिला सुरक्षा के मुद्दे पर राजनीतिक सुविधा के अनुसार अलग-अलग मानदंड स्वीकार्य नहीं हैं। छात्राओं को न्याय मिलना चाहिए और किसी भी प्रकार का राजनीतिक संरक्षण कानून के रास्ते में बाधा नहीं बनना चाहिए।”
जेएनयू अभाविप इकाई मंत्री प्रवीण कुमार पीयूष ने कहा, “अभाविप ने जेएनयू में छात्राओं की सुरक्षा और न्याय के लिए लगातार आवाज उठाई है। हमारा स्पष्ट मत है कि किसी का राजनीतिक पद या प्रभाव निष्पक्ष कानूनी कार्रवाई के आड़े नहीं आना चाहिए। कांग्रेस को महिला अधिकारों पर अपने सार्वजनिक रुख के अनुरूप अपने जनप्रतिनिधियों से जुड़े गंभीर मामलों में भी जवाबदेही सुनिश्चित करनी चाहिए। अभाविप की मांग है कि अंगोमचा बिमोल अकोइजम को तुरंत गिरफ्तार किया जाए, मामले की निष्पक्ष जांच हो और कानून के अनुसार कार्रवाई आगे बढ़े। छात्राओं की सुरक्षा, सम्मान और न्याय किसी राजनीतिक दल की छवि से बड़ा प्रश्न है।”
--आईएएनएस
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