कांग्रेस ने धर्मनिरपेक्षता के सिद्धांतों के साथ समझौता किया: हन्नान मोल्लाह
नई दिल्ली, 15 जनवरी (आईएएनएस)। सीपीआई (एम) नेता हन्नान मोल्लाह ने जमीयत उलेमा ए हिंद के प्रमुख अरशद मदनी के बयान का समर्थन किया, जिसमें उन्होंने कांग्रेस पर धर्मनिरपेक्षता के सिद्धांतों के साथ समझौता करने का आरोप लगाया।
उन्होंने गुरुवार को समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में कहा कि निसंदेह अरशद मदनी का बयान काफी हद तक ठीक है। इस बात को बिल्कुल भी खारिज नहीं किया जा सकता है कि कांग्रेस ने अपने पिछले 70 साल के शासनकाल में धर्मनिरपेक्षता के सिद्धांतों के साथ समझौता किया है, जिसे किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जा सकता।
उन्होंने कहा कि वैसे तो कांग्रेस खुद को धर्मनिरपेक्ष पार्टी होने का दावा करती है, लेकिन अगर व्यावहारिक तौर पर देखा जाए तो कांग्रेस आज तक इन सिद्धांतों को आत्मसात नहीं कर पाई है। इस परिप्रेक्ष्य में अगर हम मौलाना अरशद मदनी का बयान देखें तो वे बिल्कुल ठीक बोल रहे हैं। उनके बयान को आशंका के चश्मे से देखना ठीक नहीं रहेगा।
सीपीआई (एम) नेता हन्नान मोल्लाह ने कहा कि अगर हम अतीत में जाकर देखें तो कांग्रेस ने सांप्रदायिक शक्तियों के साथ समझौता किया। इस वजह से उसे कई बार जूझना भी पड़ गया। मेरा यह मानना है कि अगर कांग्रेस खुद को धर्मनिरपेक्ष पार्टी कहती है तो इस बात को उसे खुद के साथ लागू भी करना चाहिए।
उन्होंने ईडी की कार्रवाई में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के हस्तक्षेप पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि जिस तरह से ममता बनर्जी ने ईडी की कार्रवाई में हस्तक्षेप किया, उससे कई तरह के गंभीर सवाल पैदा होते हैं। हालांकि अभी तक इन सवालों का जवाब किसी के पास नहीं है।
उन्होंने कहा कि यह भ्रम इसलिए पैदा हुआ क्योंकि ईडी ने छापा मारा और ममता बनर्जी ने हस्तक्षेप करते हुए कुछ दस्तावेज ले लिए, जिससे यह सारी अनिश्चितता उत्पन्न हुई। मेरा मानना है कि इस मामले को अदालत द्वारा स्पष्ट किया जाना चाहिए। दोनों पक्ष अपने-अपने हितों को साधने के लिए अपनी-अपनी मांगें रख रहे हैं। अदालत की निष्पक्ष जांच से ही यह निर्धारित हो सकता है कि वास्तव में क्या हुआ और कौन सही है और कौन गलत।
--आईएएनएस
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