कांग्रेस में कथनी-करनी में अंतर, महिला सम्मान सिर्फ नारा : रूप कुमारी चौधरी
नई दिल्ली, 12 अक्टूबर (आईएएनएस)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) महिला मोर्चा की राष्ट्रीय अध्यक्ष रूप कुमारी चौधरी ने कांग्रेस पार्टी में महिला सम्मान को लेकर कथनी और करनी में अंतर का आरोप लगाया।
रूप कुमारी चौधरी ने कहा कि आज कांग्रेस कार्यालय के बाहर भाजपा की महिला मोर्चा की बहनें बहुत शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन कर रही थीं। इस दौरान कांग्रेस के मीडिया कोऑर्डिनेटर संजीव सिंह ने महिला कार्यकर्ताओं के साथ अभद्रता की। इस व्यवहार को सभी ने देखा है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी की नेता सोनिया गांधी और प्रियंका गांधी महिलाओं के सम्मान की बात करती हैं, लेकिन आज उनका महिला सम्मान दिख गया। इनकी कथनी और करनी में कितना अंतर है, यह सब ने देखा है।
उन्होंने कहा कि जेएनयू में इतनी बड़ी घटना हुई है, जहां ग्यारह बच्चियों, युवतियों के साथ दुर्व्यवहार हुआ, यौन उत्पीड़न हुआ। इसी के विरोध में भाजपा महिला मोर्चा आज आंदोलन पर उतरी थी। राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि महिला कॉन्स्टेबल के साथ राहुल गांधी के बॉडी टच वाले मामले में जिस तरह का दुर्व्यवहार देखा गया, वह भी सभी ने देखा है। कांग्रेस पार्टी के लोग हमेशा से महिलाओं का अपमान करते आए हैं, ऐसी कई घटनाएं हो चुकी हैं।
उन्होंने कहा कि हम इसकी कड़ी निंदा करते हैं और आने वाले दिनों में उन ग्यारह बेटियों के सम्मान में हमारी पार्टी का महिला मोर्चा खड़ा है और यह लड़ाई आगे भी जारी रहेगी।
जेएनयू प्रोफेसर बिमोल अकोइजाम द्वारा इस मामले को पॉलिटिकली मोटिवेटेड बताए जाने पर रूप कुमारी चौधरी ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि पहले कहा गया था कि सच्चाई सामने आने दीजिए, जांच होने दीजिए। लेकिन अब आंतरिक जांच के लिए जो कमेटी बिठाई गई थी, उस कमेटी की जांच में भी यह सामने आ चुका है कि कांग्रेस के मणिपुर से सांसद दोषी पाए गए हैं और उनको बर्खास्त कर दिया गया है।
उन्होंने कहा कि कोई भी संस्था पद और नियम से चलती है और इस तरह का बयान सरासर गलत है। उन्होंने अपराध किया है, वह दोषी पाए गए हैं। भारतीय संस्कृति में गुरु-शिष्य की परंपरा को सर्वोच्च माना गया है और इस घटना से गुरु-शिष्य की परंपरा कलंकित हुई है। ऐसे सांसद को कांग्रेस को अपनी पार्टी से बर्खास्त करना चाहिए और उसके ऊपर कार्रवाई करनी चाहिए।
उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस के लोगों की कथनी और करनी में बहुत अंतर है। जो लोग सिर्फ महिला सम्मान की बात करते हैं, वह सिर्फ नारों तक सीमित है, वे अपनी जवाबदेही तय नहीं कर रहे हैं। राहुल गांधी को अपनी जवाबदेही तय करनी चाहिए।
--आईएएनएस
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