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कांग्रेस की राजनीति समाधान नहीं, समस्याएं पैदा करती हैः दिलीप घोष

न्यूटाउन, 11 अगस्त (आईएएनएस)। झारखंड में छात्रों के विरोध-प्रदर्शन, राहुल गांधी और इंडी गठबंधन पर पश्चिम बंगाल के मंत्री दिलीप घोष ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस की राजनीति समाधान खोजने के बारे में नहीं, बल्कि समस्याएं पैदा करने पर केंद्रित है।
 

न्यूटाउन, 11 अगस्त (आईएएनएस)। झारखंड में छात्रों के विरोध-प्रदर्शन, राहुल गांधी और इंडी गठबंधन पर पश्चिम बंगाल के मंत्री दिलीप घोष ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस की राजनीति समाधान खोजने के बारे में नहीं, बल्कि समस्याएं पैदा करने पर केंद्रित है।

झारखंड में विरोध-प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर आंसू गैस और पानी की बौछार किए जाने पर मंत्री दिलीप घोष ने मीडिया से बातचीत में कहा, "झारखंड में छात्रों का आंदोलन चल रहा है और वे सड़कों पर उतर रहे हैं। छात्र किसी राजनीतिक वजह या किसी और कारण से ऐसा नहीं कर रहे हैं, वे अपने हित के लिए लड़ रहे हैं। हालांकि, हमें वे लोग वहां नहीं दिख रहे हैं, जिन्होंने दिल्ली में ऐसे विरोध प्रदर्शन किए थे। छात्रों को अपने भविष्य के लिए लड़ने का अधिकार है और जो सरकार उनके अधिकारों और हितों की रक्षा नहीं कर पाती, उसे जवाब देना होगा।"

विपक्ष के नेता राहुल गांधी के झारखंड नहीं आने पर दिलीप घोष ने कहा, "कांग्रेस की राजनीति की यही खासियत है, वे हर राज्य में लोगों से अलग-अलग तरह से बात करते हैं और व्यवहार करते हैं। उदाहरण के लिए, कर्नाटक और तमिलनाडु के बीच कृष्णा और कावेरी नदी के पानी के मुद्दों को लेकर काफी विवाद हुआ करता था। जब दोनों राज्यों में कांग्रेस की सरकारें थीं, तब भी ये विवाद कभी हल नहीं हुए। जब ​​अटल बिहारी वाजपेयी प्रधानमंत्री बने, तो उन्होंने दोनों पक्षों को बातचीत के लिए बुलाया और यह मुद्दा एक ही दिन में सुलझ गया। कांग्रेस की राजनीति समाधान खोजने के बारे में नहीं, बल्कि समस्याएं पैदा करने के बारे में है। राहुल गांधी हर जगह जाकर लोगों को उकसा कर राजनीतिक रोटी सेंकते हैं। इसके बावजूद धीरे-धीरे कांग्रेस पार्टी सिकुड़ती जा रही है।"

घोष ने कहा, "राहुल गांधी किसी भी असली मुद्दे पर बात नहीं करते। कोई और विवादास्पद बात कहता है और वे जवाब में बयान देकर थोड़ी लोकप्रियता हासिल करने की कोशिश करते हैं। वे कभी भी असली मुद्दों पर बात नहीं करते और कभी भी बहस के लिए आगे नहीं आते।"

--आईएएनएस

ओपी/एएस