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विपक्ष को सबसे अधिक पीड़ा नारी शक्ति को मिलने वाले अधिकारों से है: धर्मेंद्र प्रधान

नई दिल्ली, 17 अप्रैल (आईएएनएस)। लोकसभा में शुक्रवार को नारी वंदन अधिनियम विधेयक पारित नहीं हो सका, जिसके बाद सियासी माहौल गरमा गया है। विधेयक के पारित न होने पर केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने विपक्ष पर तीखा हमला बोला और इसके लिए विपक्ष को जिम्मेदार ठहराया।
 
विपक्ष को सबसे अधिक पीड़ा नारी शक्ति को मिलने वाले अधिकारों से है: धर्मेंद्र प्रधान

नई दिल्ली, 17 अप्रैल (आईएएनएस)। लोकसभा में शुक्रवार को नारी वंदन अधिनियम विधेयक पारित नहीं हो सका, जिसके बाद सियासी माहौल गरमा गया है। विधेयक के पारित न होने पर केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने विपक्ष पर तीखा हमला बोला और इसके लिए विपक्ष को जिम्मेदार ठहराया।

उन्‍होंने कहा कि कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों को सबसे अधिक पीड़ा नारी शक्ति को मिलने वाले अधिकारों से है।

धर्मेंद्र प्रधान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों को नारी शक्ति को मिलने वाले अधिकारों से सबसे अधिक आपत्ति है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष परिसीमन जैसे मुद्दों की आड़ लेकर असल मुद्दों से बचने की कोशिश कर रहा है। उनके अनुसार, संसद में इस विधेयक का विरोध करके विपक्ष ने एक बार फिर अपनी मानसिकता देश के सामने उजागर कर दी है।

केंद्रीय मंत्री ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि वे महिला, ओबीसी और उत्तर-दक्षिण के नाम पर देश को विभाजित करने की राजनीति करते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने हमेशा अपने राजनीतिक स्वार्थ के लिए तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर पेश किया है। साथ ही उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का जिक्र करते हुए कहा कि सत्ता बचाने के लिए उनके कार्यकाल में परिसीमन प्रक्रिया को अपने हित में इस्तेमाल किया गया और आपातकाल जैसे कदम उठाए गए।

धर्मेंद्र प्रधान ने यह भी कहा कि केंद्र की मोदी सरकार द्वारा लाए गए विधेयकों का उद्देश्य महिलाओं का सशक्तिकरण और देशहित था। हालांकि, विपक्ष के रवैये से यह स्पष्ट होता है कि वे इन प्रयासों का विरोध कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी दलों का यह रुख महिलाओं के हितों के खिलाफ है और देश की नारी शक्ति इसे भली-भांति समझ रही है।

--आईएएनएस

एएसएच/डीकेपी