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कांग्रेस और कम्युनिस्ट पार्टियों ने देश को विदेशियों के पास गिरवी रख दिया थाः संजय सरावगी

पटना, 1 अप्रैल (आईएएनएस)। बिहार भाजपा के अध्यक्ष संजय सरावगी ने विदेशी अंशदान विनियमन संशोधन अधिनियम (एफसीआरए), हेमंत सोरेन, ममता बनर्जी और बिहार में कानून व्यवस्था की स्थिति पर टिप्पणी की। सरावगी ने कांग्रेस व कम्युनिस्ट पार्टियों पर देश को विदेशियों के हाथों गिरवी रखने का आरोप लगाया।
 
कांग्रेस और कम्युनिस्ट पार्टियों ने देश को विदेशियों के पास गिरवी रख दिया थाः संजय सरावगी

पटना, 1 अप्रैल (आईएएनएस)। बिहार भाजपा के अध्यक्ष संजय सरावगी ने विदेशी अंशदान विनियमन संशोधन अधिनियम (एफसीआरए), हेमंत सोरेन, ममता बनर्जी और बिहार में कानून व्यवस्था की स्थिति पर टिप्पणी की। सरावगी ने कांग्रेस व कम्युनिस्ट पार्टियों पर देश को विदेशियों के हाथों गिरवी रखने का आरोप लगाया।

बिहार भाजपा अध्यक्ष संजय सरावगी ने आईएएनस से बातचीत में कहा, "देशभर में 2011 के बाद अब जनगणना प्रक्रिया शुरू हो रही है और जाति आधारित जनगणना राष्ट्रीय स्तर पर कराई जाएगी। बिहार में यह पहले ही हो चुकी है। जातीय जनगणना की रिपोर्ट आने पर विकास के नए काम होंगे। "

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन द्वारा जनगणना पर हो रहे खर्च को लेकर उठाए गए सवाल पर संजय सरावगी कहते हैं, "हेमंत सोरेन, बिहार में तेजस्वी यादव और लालू प्रसाद यादव का परिवार या दिल्ली में अरविंद केजरीवाल की पार्टियों का काम जनता के धन का दुरुपयोग करना है। बिहार में तेजस्वी यादव ने शौचालय और किचन में बड़े-बड़े एसी लगाए थे। केजरीवाल का मुख्यमंत्री आवास जगजाहिर है।"

पटना में एक व्यवसायी को गोली मारे जाने पर सरावगी ने कहा, इस मामले में त्वरित कार्रवाई हो रही है। नालंदा में अपराधी गिरफ्तार हुए हैं। दरोगा को सस्पेंड किया गया है। मुख्य सचिव की अध्यक्षता में जांच कमेटी का गठन हुआ है। घटनाएं घट रही हैं, लेकिन त्वरित कार्रवाई हो रही है और अपराधियों को दौड़ाकर पकड़ा जा रहा है। ये 2005 के पहले का बिहार नहीं है, जब जंगलराज था। यहां कानून का राज स्थापित है।

एफसीआरए संशोधन अधिनियम पर विपक्ष की टिप्पणी पर संजय सरावगी कहा, "कांग्रेस और कम्युनिस्ट पार्टियों ने एक तरह से देश को विदेशी हाथों में गिरवी रख दिया था। तब क्या हालात थे? अब जब एफसीआरए संशोधन विधेयक पेश किया जा रहा है तो वे असहज क्यों महसूस कर रहे हैं। इसका उद्देश्य बिल्कुल स्पष्ट है, राष्ट्रीय सुरक्षा और देश के हितों के खिलाफ विदेशी धन के दुरुपयोग को रोकना। इससे विदेशी शक्तियां कमजोर होंगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लाया गया यह बिल देश हित में हैं।"

--आईएएनएस

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