कांग्रेस अभी 15 से 20 साल सत्ता में नहीं आने वाली है: आनंद दुबे
मुंबई, 21 जनवरी (आईएएनएस)। शिवसेना (यूबीटी) के प्रवक्ता आनंद दुबे ने कांग्रेस के भविष्य पर टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अभी 15 से 20 साल तक सत्ता में नहीं आने वाली है। न देश में आने वाली है, न राज्य में और न महानगर पालिका में।
शिवसेना (यूबीटी) के प्रवक्ता आनंद दुबे ने मुंबई में आईएएनएस से बातचीत करते हुए कहा कि कांग्रेस अपने मूल विचारों से भटक गई है। एक ओर राहुल गांधी दिन-रात मेहनत करते हैं, दूसरी ओर उनके नेता उदित राज, दिग्विजय सिंह, राशिद अल्वी या जयराम रमेश जैसे नेता गलत बयानबाजी करके कांग्रेस को कमजोर कर देते हैं। महाराष्ट्र और मुंबई में कांग्रेस की बुरी स्थिति है, फिर भी पता नहीं वे लोग क्यों चुनाव लड़ते हैं। उन्हें तो चुनाव लड़ना ही नहीं चाहिए। संगठन कमजोर है, चुनाव में जाएंगे तो हार ही होगी, लेकिन शिवसेना (यूबीटी) एक दिन शून्य से शिखर तक जरूर पहुंचेगी।
बीएमसी चुनाव के नतीजे आने के बाद मेयर को लेकर चल रही खींचतान पर आनंद दुबे ने कहा कि आमतौर पर देखा गया है कि महापौर का जो चुनाव होता है या महापौर की जो पूरी कार्यप्रणाली होती है, वो लोकल स्तर पर होती है, लेकिन पहली बार देखा गया है कि मुंबई महानगर पालिका हो, चाहे ठाणे महानगर पालिका हो, चाहे और भी महानगर पालिका हो, इन सभी के फैसले दिल्ली में हो रहे हैं। दिल्ली में बैठकर आप मुंबई महानगर पालिका नहीं चला सकते हैं। आपको मुंबई में आना ही होगा, मुंबई में लोगों का विश्वास जीतना होगा, मुंबई के लोगों से बात करनी होगी, जो नगर सेवक चुनकर आए हैं उनका जनमत लेना होगा। फाइव स्टार होटल में घूमने से कुछ हासिल नहीं होगा। दूसरी ओर, हमारे जीते हुए उम्मीदवार जनता की सेवा में लग गए हैं। उन्होंने कहा कि महायुति में सिर फुटव्वल है। आप दिल्ली में बैठकर मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन नहीं चला सकते हैं।
मातोश्री के बाहर लगे पोस्टर्स पर आनंद दुबे ने कहा कि देखिए, ये कार्यकर्ताओं का जोश-उत्साह है। आजकल गाने भी बहुत चलते हैं। हम यही कहेंगे कि इसका अर्थ यही है कि जो बड़ा है वो बड़ा ही होता है। आप किसी की पार्टी का नाम चुराकर कुछ दिन के लिए बड़े बन सकते हैं, लेकिन लंबा आपका खेल नहीं चलेगा। यही उस पोस्टर के माध्यम से कार्यकर्ताओं का संदेश है।
उन्होंने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के मामले पर कहा कि प्रयागराज की पावन धरती पर उनके साथ जो भी हो रहा है, वो बहुत ही आत्मा को दुखाने वाला विषय है, मन को दुख देने वाला विषय है। वो एक शंकराचार्य हैं, वो साधु-संत हैं, सनातन का झंडा लेकर आगे चलते हैं। आप उनसे कह रहे हैं कि आप शंकराचार्य का सर्टिफिकेट दिखाइए, आप कौन होते हैं, पुलिस कौन होती है, सरकार कौन होती है। साधु-संतों और लाखों-करोड़ों सनातनियों ने उनको शंकराचार्य मान लिया है। आपके कहने या न कहने से क्या होता है। अविमुक्तेश्वरानंद ने हमेशा कहा है कि गौ हत्या रुकनी चाहिए, हिंसा नहीं होनी चाहिए, मानव-मानव का कल्याण करना चाहिए, वसुधैव कुटुम्बकम की बात करनी चाहिए, सनातन की जय होनी चाहिए। ये सब चीजों को हमेशा उठाया गया है। इन्हीं सब विषयों को लेकर ये सरकार घबरा गई है। जिस प्रकार उनके भक्तों पर लाठीचार्ज हुआ। लोग अभी भी घायल हैं। उन्हें स्नान करने से रोका गया। रथ को पीछे धकेला गया। यह सब दिखाता है कि यह सरकार हिंदू विराधी हो चुकी है। 2027 के यूपी चुनाव में जनता हिसाब लेगी।
आनंद दुबे ने एआईएमआईएम पर तंज कसते हुए कहा कि एआईएमआईएम भारतीय जनता पार्टी की बी टीम है। हिंदू-मुसलमान करना, नफरत के बीज बोना, और "15 मिनट पुलिस हटा दीजिए" जैसी जहरीली बयानबाजी करना उनको सूट करता है। उनकी पतंग की डोर भाजपा के हाथ में है। भारतीय जनता पार्टी चाहती है कि एआईएमआईएम खूब फले-फूले। उनकी अभी एक नई बिटिया चुनकर आई है, वो कह रही है, "मैं पूरे मुंब्रा को हरा कर दूंगी।" अरे भैया, मुंब्रा को हराने के लिए सौ जन्म लेने पड़ेंगे।
उन्होंने सुप्रिया सुले के बयान का समर्थन करते हुए कहा कि सुप्रिया सुले सही कह रही हैं। अगर हम महाविकास आघाडी बनकर लड़ते और कांग्रेस हमारे साथ होती तो जरूर फायदा होता, लेकिन कांग्रेस ने भारतीय जनता पार्टी को मदद करने के लिए अलग से चुनाव लड़ा। उन्होंने वोट काट लिए, खुद भी नहीं जीत पाए, और हमारे रथ को भी रोक दिया। कहते हैं कि वह 24 कैरेट गोल्ड हैं, हम कहते हैं लोहा है, सिर्फ ऊपर से सोने का पानी चढ़ा है। मुंबई कांग्रेस को आत्मचिंतन करना चाहिए। इस चुनाव में मुंबई कांग्रेस नेताओं ने शिवसेना को हराने का काम किया है। इसका जवाब शिवसेना भी देगी और जनता भी देगी।
शिवसेना (यूबीटी) के पार्षदों के इधर-उधर जाने पर आनंद दुबे ने कहा कि हमें जानकारी मिली है कि कल्याण-डोंबिवली के कुछ पार्षद हमारे खिलाफ जा रहे हैं। ऐसे में उनके खिलाफ चुनाव आयोग के नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी और कारण बताओ नोटिस दिया जाएगा। जो भी प्रक्रिया है, वह एक संवैधानिक पार्टी के तौर पर नियमों के तहत ही की जाएगी। चुनाव जीतकर आना और फिर दूसरे दल में चले जाना। महाराष्ट्र में जो यह घोड़ बाजारी है, उसकी जनक भारतीय जनता पार्टी है। भाजपा ही इसकी जन्मदाता है, वही इस तरह की राजनीति को बढ़ावा देती है और इसमें आनंद लेती है। हमें इससे दूरी बनाकर रखनी है। जो हमारे साथ चुनकर आए हैं, अगर वे हमारे साथ नहीं रहते तो हम आत्मनिर्भर हैं और जानते हैं कि उनके खिलाफ किस तरह की कार्रवाई करनी है।
--आईएएनएस
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