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कोलंबिया में महसूस हुए भूकंप के तेज झटके, 7.4 तीव्रता से हिली धरती; अलर्ट जारी

नई दिल्ली, 10 अगस्त (आईएएनएस)। दक्षिण अमेरिकी देश कोलंबिया में सोमवार सुबह (स्थानीय समय) को जोरदार भूकंप का झटका महसूस हुआ। यूएस जियोलॉजिकल सर्वे (यूएसजीएस) ने शुरू में भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 7.4 मापी। यह झटका चोको डिपार्टमेंट में सैन जोस डेल पालमार के पास आया।
 

नई दिल्ली, 10 अगस्त (आईएएनएस)। दक्षिण अमेरिकी देश कोलंबिया में सोमवार सुबह (स्थानीय समय) को जोरदार भूकंप का झटका महसूस हुआ। यूएस जियोलॉजिकल सर्वे (यूएसजीएस) ने शुरू में भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 7.4 मापी। यह झटका चोको डिपार्टमेंट में सैन जोस डेल पालमार के पास आया।

यूएसजीएस ने बताया कि भूकंप का केंद्र सुबह 7:34 बजे (स्थानीय समय, मियामी टाइम सुबह 8:34 बजे) बोगोटा से लगभग 280 किलोमीटर पश्चिम में चोको डिपार्टमेंट के सैन जोस डेल पाल्मार में 107 किलोमीटर की गहराई पर था। भूकंप के झटके वेनेजुएला बॉर्डर की ओर भी महसूस किए गए।

यूएसजीएस ने भूकंप की तीव्रता 7.4 बताया, लेकिन अलग-अलग एजेंसियों के बीच भूकंप की तीव्रता का अनुमान अलग-अलग हो सकता है। अमेरिकी सुनामी वॉर्निंग सिस्टम ने इस घटना के लिए 7.1 की तीव्रता बताई।

ये आंकड़े बदल सकते हैं क्योंकि सीस्मोलॉजिस्ट और सीस्मिक रिकॉर्डिंग का एनालिसिस करेंगे। शुरुआती तीव्रता के अनुमानों में अंतर का मतलब यह नहीं है कि अलग-अलग भूकंप आए; एजेंसियां ​​अलग-अलग मॉनिटरिंग नेटवर्क और कैलकुलेशन के तरीकों का इस्तेमाल करती हैं।

बोगोटा के मेयर कार्लोस गैलन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "अभी किसी के घायल होने या स्ट्रक्चरल डैमेज की कोई खबर नहीं है, सिर्फ इमारतों में कुछ दरारें आई हैं।" देश के पश्चिमी और मध्य हिस्सों में भी लोगों ने भूकंप महसूस करने की बात कही। जैसे-जैसे अधिकारी स्थिति का आकलन कर रहे हैं और रिपोर्ट आने पर प्रभावित जगहों की लिस्ट बढ़ सकती है।

शुरुआती रिपोर्ट के समय, पूरे देश में किसी बड़े स्ट्रक्चरल नुकसान की कोई पक्की तस्वीर नहीं थी। यूएस सुनामी वॉर्निंग सिस्टम के मुताबिक, भूकंप के बाद सुनामी की कोई वॉर्निंग नहीं थी।

हालांकि भूकंप की शुरुआती तीव्रता का अंदाजा बहुत ज्यादा था, लेकिन सुनामी का खतरा कई बातों पर निर्भर करता है। इसमें भूकंप की जगह, गहराई और क्या इससे समुद्र तल में कोई खास हलचल होती है, शामिल हैं।

बताया गया कि भूकंप का केंद्र प्रशांत महासागर के किनारे के किसी हिस्से के नीचे नहीं, बल्कि जमीन पर सैन होजे डेल पाल्मार के पास था। इसलिए, सुनामी की वॉर्निंग का न होना शुरुआती इमरजेंसी असेसमेंट का एक अहम हिस्सा था।

--आईएएनएस

केके/पीएम