सीएम मोहन यादव ने मध्य प्रदेश की सवा करोड़ लाड़ली बहनों के खातों में ट्रांसफर की धनराशि
नरसिंहपुर, 13 मई (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश में महिला सशक्तिकरण के लिए किए जा रहे प्रयासों में से एक है लाड़ली बहना योजना और इस योजना के तहत बुधवार को सवा करोड़ लाड़ली बहनाओं के खाते में सिंगल क्लिक से मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मासिक किश्त का अंतरण किया। नरसिंहपुर जिले के मुंगवानी में आयोजित कार्यक्रम में सीएम ने मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना की 36वीं किश्त की 1,835 करोड़ 67 लाख 29 हजार 250 रुपए की राशि सिंगल क्लिक से ट्रांसफर की।
इसके अलावा, उन्होंने 296 करोड़ रुपए के 40 विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमि-पूजन भी किया। कार्यक्रम की शुरुआत में उन्होंने बच्चियों पर पुष्प वर्षा की। उन्होंने लाठी से करतब दिखा रहे बच्चे को गोद में लेकर दुलारा और खुद भी लाठी घुमाई। गौ-पूजन के बाद उन्होंने यहां लगाई गई कई प्रदर्शनियों का अवलोकन भी किया। उन्होंने हितग्राहियों को लाभ भी वितरित किया। उन्होंने टॉप करने वाले विद्यार्थियों को लैपटॉप और प्रशस्ति पत्र दिए।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कार्यक्रम में कहा कि कांग्रेसी कहते थे कि लाड़ली बहना योजना केवल चुनाव तक है। हम मानते हैं कि जाकी रही भावना जैसी, प्रभु मूरत देखी तिन तैसी। कांग्रेसियों की तो भावना ही गलत है। इन्होंने कभी माताओं-बहनों का सम्मान नहीं किया, उनकी कोई मदद नहीं की, इसलिए आज पूरे देश से धीरे-धीरे करके पूरे देश से कांग्रेस पार्टी गायब हो रही है, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी लगातार मजबूत होती जा रही है।
उन्होंने कहा कि असम में तीसरी बार सरकार, बंगाल में भी हमारी प्रचंड जीत हुई। गंगोत्री से लेकर गंगा सागर तक मां गंगा का आशीर्वाद मिल रहा है। मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि आज अलग प्रकार का समय चल रहा है। हमारी पार्टी जो कहती है, वो करके दिखाती है। बंगाल में गुंडा राज चल रहा था। ममता निर्ममता के साथ जनता के साथ अन्याय कर रही थी। जनता जनार्दन सारा हिसाब रखती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा के दरम्यान कहा था कि देश की आधी आबादी माताओं-बहनों की है, उनको लोकसभा-विधानसभा में 33 फीसदी आरक्षण दो, लेकिन कांग्रेस, टीएमसी, डीएमके और समाजवादी पार्टी सहित पूरे विपक्ष ने माताओं-बहनों का अपमान किया।
प्रधानमंत्री मोदी ने उसी दिन कहा था, "माताएं-बहनें सब भूल सकती हैं, अपना अपमान नहीं भूल सकतीं।" माताओं ने चुनाव में पूरी तरह झाड़ू फेर दी। हमारे लिए माताओं-बहनों का संबंध सर्वोपरि है। हमारी सरकार बनने के बाद हम लाड़ली बहनों के खातों में लगभग 46 हजार करोड़ की राशि डाल चुके हैं। हमारी पिछली सरकार को मिलाकर यह आंकड़ा 55 हजार करोड़ से ज्यादा है।
--आईएएनएस
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