सीजेपी प्रोटेस्ट पर कांग्रेस सांसद वर्षा गायकवाड़ बोलीं, युवाओं का सड़कों पर उतरना सिस्टम की विफलता
मुंबई, 16 अक्टूबर (आईएएनएस)। दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी के विरोध प्रदर्शन को लेकर कांग्रेस सांसद वर्षा गायकवाड़ ने सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि हर मुद्दे पर बांग्लादेश का जिक्र करना गलत है। अगर युवा पेपर लीक जैसे मुद्दों पर सड़कों पर उतर रहे हैं तो यह सिस्टम की विफलता है। उन्होंने आरोप लगाया कि देश में विरोध प्रदर्शन की जगह ही नहीं छोड़ी जा रही है। जंतर-मंतर के बाद अब मुंबई के आजाद मैदान को भी बंद करने की कोशिश हो रही है और जनता की आवाज को लगातार दबाया जा रहा है।
दिल्ली में सीजेपी के विरोध प्रदर्शन को लेकर कांग्रेस सांसद वर्षा गायकवाड़ ने कहा, "सबसे बड़ी बात यह है कि जब भी कुछ होता है तो हम हमेशा बांग्लादेश का जिक्र क्यों करने लगते हैं? मैं देख रही हूं कि यहां से घुसपैठिए आने या वैसा होने के दावे किए जा रहे हैं। कई जगहों पर क्रांतियां हुई हैं। अगर आप देखें तो नेपाल में भी क्रांति हुई। हमने कई जगहों पर देखा है कि कैसे युवा सड़कों पर उतर आए। और युवा सड़कों पर क्यों उतरे? शुरुआती विरोध किस बात को लेकर था? वह पेपर लीक को लेकर था।"
उन्होंने कहा कि युवाओं को उम्मीद थी कि सालभर मेहनत करने के बाद एक ही दिन में पेपर लीक नहीं होना चाहिए या पूरे सिस्टम में हेरफेर नहीं होना चाहिए। अगर हमारे युवा सड़कों पर आते हैं, तो यह सिस्टम की विफलता की ओर इशारा करता है।
कांग्रेस सांसद ने कहा कि जब हमारा विरोध प्रदर्शन हुआ था तो हमें भी मुंबई में कहां इजाजत दी गई थी? मुझे याद है हमारे पहले आंदोलन के दौरान तो उन्होंने हमारा माइक, स्पीकर और सब कुछ छीन लिया था। पुलिस वैसे भी बहुत कम ही इजाजत देती है। अगर इजाजत मिलती भी है तो वह सिर्फ आजाद मैदान में ही मिलती है।
उन्होंने कहा कि अगर आप ध्यान से देखें तो धीरे-धीरे आजाद मैदान भी बंद होने की कगार पर है, जैसे जंतर-मंतर को बंद कर दिया गया था। जनता की आवाज को लगातार दबाया जा रहा है। ये वो जगहें थीं, जहां लोग, चाहे महिलाएं हों, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता हों या एसआईआर को लेकर चिंता जता रहे लोग हों, अपनी शिकायतें और सवाल सामने ला सकते थे।
कांग्रेस सांसद वर्षा गायकवाड़ ने कहा कि हम देख रहे हैं कि जब से यह आंदोलन शुरू हुआ है, लोगों को लगातार कुछ भी करने नहीं दिया जा रहा है और हर छोटी-छोटी बात पर लोगों को हिरासत में लेने या उठा लेने की कोशिशें हो रही हैं। अगर युवा भारत में झंडा फहराते हैं तो उन्हें हिरासत में ले लिया जाता है। मेरा मानना है कि स्वतंत्र भारत में विरोध प्रदर्शन करने तक की भी जगह नहीं छोड़ी जा रही है।
उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर को ही देख लीजिए, जहां छात्र इकट्ठा होकर विरोध करते थे, अब वहां भी उन्हें इजाजत नहीं है। यहां आजाद मैदान में भी भीड़ को दबाने और सभा के पैमाने को जितना हो सके कम करने की कोशिशें की जाती हैं। हालांकि यह लड़ाई जारी है। सभी इसमें भाग ले रहे हैं और हरसंभव तरीके से आंदोलन चल रहा है।
--आईएएनएस
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