सीजेपी के प्रदर्शन पर भड़के वीएचपी नेता, बोले-ये देश के युवा नहीं, ब्रेनवाश किए हुए बिगड़े बच्चे
मुंबई, 18 अक्टूबर (आईएएनएस)। विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) के राष्ट्रीय प्रवक्ता श्रीराज नायर ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और एसआईआर के खिलाफ विपक्ष और कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) द्वारा किए जा रहे विरोध प्रदर्शन पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि विरोध प्रदर्शन लोकतांत्रिक अधिकार है लेकिन सड़कों को जाम कर अराजकता फैलाना मौलिक अधिकार के दायरे में नहीं आता। साथ ही, उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ ताकतें चुनी हुई सरकार को अस्थिर करने की साजिश कर रही हैं।
श्रीराज नायर ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा कि बार-बार चेतावनी देने के बावजूद कुछ लोग जानबूझकर देश में अराजकता फैलाने और एक चुनी हुई सरकार को गिराने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आंदोलन से जुड़े कुछ लोग खुद को बांग्लादेश से प्रभावित बताते हैं लेकिन अगर प्रभावित होना ही है तो विश्व के उन बड़े और शक्तिशाली देशों से होना चाहिए जहां लोकतंत्र मजबूत है।
उन्होंने कहा, "विश्व हिंदू परिषद ये मानती है कि ये देश की युवा पीढ़ी नहीं हैं। कुछ बिगड़े हुए बच्चे हैं, चाहे वो लड़के हों या लड़की, जिनका ब्रेनवाश किया गया है, जिनको 'भारत तोड़ो गैंग' ने प्रभावित कर रखा है।" उन्होंने कहा कि भारत की असली युवा शक्ति देश निर्माण में लगी है। भारत की संस्कृति और धर्म को बचाने में लगी है। भारत को विकसित कैसे बनाया जाए, भारत में विकास कैसे हो, उद्योग कैसे लगें, उसके लिए भारत का युवा कटिबद्ध है।"
नायर ने मांग की कि इस तरह सड़क जाम कर व्यापार ठप करने वालों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। भारत के गृह मंत्रालय को इसका संज्ञान लेकर इनको ऐसी शिक्षा देनी चाहिए कि इस प्रकार से देश में और कोई अराजकता फैलाने की हिमाकत न करे।"
उन्होंने कहा कि भारत में लोकतंत्र है और लोकतांत्रिक पद्धति से चुनी हुई सरकार का सभी को सम्मान करना चाहिए। अगर लगता है कि सरकार देशहित में काम नहीं कर रही है तो 2029 में चुनाव आने वाले हैं, सभी के पास सरकार बदलने का विकल्प है, जैसे 2014 में लोगों ने सरकार बदली थी। यहां पर केवल चुनी हुई सरकार की कार्यशैली में दखल देना, चुनी हुई सरकार को परेशान करना, आम नागरिक और व्यापारियों को परेशान करना और देश में अराजकता फैलाना ही इनका मकसद है।
नायर ने कहा कि विपक्ष बंगाल चुनाव के बाद बौखलाया हुआ है। इनको मालूम पड़ गया है, इन्होंने विपक्ष में रहकर भी कोई जिम्मेदाराना कार्य नहीं किया। काम न करने की वजह से लोगों ने इनको पूरी तरह से नकार दिया और घर बैठा दिया है। अच्छा तो ये होता कि विपक्ष की जितनी भी पार्टियां हैं, वो लोगों के बीच में रहती और काम करती। इन लोगों ने एक आसान तरीका ढूंढ रखा है कि किसी तरह अराजकता फैलाओ और देश की सरकार को उखाड़ फेंको। हालांकि ये भारत है और ये बांग्लादेश कभी नहीं बनेगा।
--आईएएनएस
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