सीजेपी के आंदोलन पर रामदास आठवले बोले, ये प्रदर्शन बाबा साहब के संविधान के खिलाफ
नई दिल्ली, 10 अक्टूबर (आईएएनएस)। जंतर-मंतर पर सीजेपी के प्रदर्शन और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने राहुल गांधी और अभिजीत दिपके पर निशाना साधा। आठवले ने कहा कि यह आंदोलन संविधान के खिलाफ है और अराजकता को निमंत्रण दे रहा है, पुलिस का एक्शन सही है।
केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने कहा, "ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करने का इनको अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि बाबा साहब अंबेडकर ने जो संविधान दिया है, उस संविधान के मुताबिक वो चीफ कमिश्नर बने हैं और चीफ कमिश्नर का सरकार से कोई संबंध नहीं होता है, उनको स्वतंत्र रूप से काम करने का अधिकार होता है। चुनाव की लिस्ट ठीक से बनाना, चुनाव में जो गलत नाम हैं, उनको हटाना और हर एक को वोटिंग करने का अधिकार देना चुनाव आयोग का काम होता है।"
उन्होंने कहा कि राहुल गांधी कह रहे हैं कि 13 करोड़ लोगों के वोट काटे गए हैं। उनसे मेरा कहना है कि जहां आपके लोग हार गए हैं, वहां आप हम पर आरोप लगाते हैं कि हमारा वोट चोरी हो गया है, हमारा वोट आप लोगों ने चुरा लिया है। तो मुझे लगता है कि जब आप जहां चुन कर आते हैं तो चुनाव ठीक है, लेकिन जहां हमको सत्ता मिलती है तो आप आरोप लगाते हैं।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि राहुल गांधी से मेरा एक सवाल है कि जिस तरह आपने विरोध किया, आप राष्ट्रपति को भी जाकर मिले। राष्ट्रपति ने भी कहा कि वोट चोरी के जो साक्ष्य हैं, वो हमें दे दीजिए। तो मतलब वोट की चोरी बिल्कुल नहीं होनी चाहिए और चुनाव आयोग को लिस्ट ठीक से बनाने की आवश्यकता है और इसलिए जो 13 करोड़ वोट काटे गए थे, उनमें से 6 करोड़ लोग ऐसे हैं जो स्थानांतरित हो चुके हैं। एक जगह से दूसरी जगह चले गए हैं, वहां उनका घर है, वहां उनकी नौकरी है, वहां उनका धंधा-पानी है तो ऐसे 6 करोड़ लोगों के नाम काट दिए गए। जहां वो रहते हैं, वहां तो उनका नाम है ही, वहां वो वोटिंग करते हैं।
उन्होंने कहा कि तीन करोड़ लोग लापता हैं, मतलब उनके नाम तो वहां हैं, लेकिन उन्होंने कभी वोटिंग ही नहीं की, इसका मतलब वो गलत तरीके से नाम उस लिस्ट में हैं, वो नाम हटाए गए हैं। दो करोड़ लोग ऐसे हैं जिनकी मृत्यु हो चुकी है, उनके वोट काटे गए हैं और एक करोड़ लोग ऐसे हैं जो गांव से शहर में आ गए हैं और शहर में भी उनका नाम है और गांव में भी नाम है।
आठवले ने कहा कि वो एक करोड़ लोगों को काटा है तो इसलिए मुझे लगता है कि इस आरोप में तथ्य नहीं है। आप आंदोलन करके अराजकता को निमंत्रण दे रहे हैं, हिंसा को निमंत्रण दे रहे हैं। रोज हंगामा करके लोगों को तकलीफ दे रहे हैं। जब कांग्रेस पार्टी की सरकार थी, हमें भी हिरासत में लिया जाता था, हमारे लोगों को पकड़ते थे, जेल में डालते थे, दस-पंद्रह दिन हम जेल में रहे हैं।
उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि इसलिए आंदोलन शांति से करना चाहिए, लेकिन गलत मुद्दे पर आंदोलन करना बिल्कुल ठीक नहीं है। संविधान के विरोध में आंदोलन करना बिल्कुल ठीक नहीं है। यह आंदोलन, राहुल गांधी का और अभिजीत दिपके का आंदोलन जो है। यह बाबा साहब के संविधान के खिलाफ है। ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा आप मांग रहे हैं, क्यों मांग रहे हैं इस्तीफा।
केंद्रीय मंत्री आठवले ने कहा कि इसलिए मुझे लगता है कि जब हमारी सत्ता आती है तो इनको लगता है कि हमने वोट चोरी किया है। हम कैसे वोट चोरी कर सकते हैं, वहां लोग जाकर मतदान केंद्र पर अपना-अपना मतदान करते हैं। इसलिए नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हमारे सामने विकास का एजेंडा है, हम विकास करते रहेंगे, आपको जो करना है आप करते रहें, लेकिन हमारी भूमिका यह है कि देश में अस्थिरता नहीं होनी चाहिए, देश में स्थिरता होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि आम आदमी को किसी को तकलीफ बिल्कुल नहीं होनी चाहिए और उसके लिए पुलिस अपना एक्शन ले रही है और इसलिए आज जो सीजेपी का आंदोलन है, वो मतलब फेल हो चुका है, पुलिस ने उनको कई जगह रोक लिया है। मुझे लगता है कि सीजेपी नीट एग्जाम के पेपर लीक के मामले में स्थापित हुई थी, अभी हर विषय पर इस्तीफा मांग रही है। ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा मांग रही है। पीएम के बारे में अभिजीत दिपके उल्टी-सीधी बातें करते हैं, तो यह अच्छी बात नहीं है।
--आईएएनएस
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