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सीआईएसएफ ने आरआरटीएस 'नमो भारत' कॉरिडोर की संभाली सुरक्षा

नई दिल्ली, 7 अप्रैल (आईएएनएस)। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में शहरी परिवहन सुरक्षा के लिए एक बड़े कदम के रूप में, न्यू अशोक नगर में आयोजित एक समारोह के दौरान रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (आरआरटीएस) 'नमो भारत' कॉरिडोर की सुरक्षा औपचारिक रूप से केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) को सौंप दी गई।
 
सीआईएसएफ ने आरआरटीएस 'नमो भारत' कॉरिडोर की संभाली सुरक्षा

नई दिल्‍ली, 7 अप्रैल (आईएएनएस)। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में शहरी परिवहन सुरक्षा के लिए एक बड़े कदम के रूप में, न्यू अशोक नगर में आयोजित एक समारोह के दौरान रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (आरआरटीएस) 'नमो भारत' कॉरिडोर की सुरक्षा औपचारिक रूप से केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) को सौंप दी गई।

यह कार्यक्रम भारत के पहले हाई-स्पीड रीजनल ट्रांजिट सिस्टम की सुरक्षा के लिए सीआईएसएफ की पूर्ण तैनाती की शुरुआत का प्रतीक है, जो पूरे एनसीआर में यात्रियों के लिए सुरक्षित और बेहतर यात्रा सुनिश्चित करेगा।

समारोह के दौरान, एनसीआरटीसी के प्रबंध निदेशक शलभ गोयल ने सीआईएसएफ के महानिदेशक (डीजी) प्रवीर रंजन को एक प्रतीकात्मक चाबी सौंपी। यह इस नई पीढ़ी के हाई-स्पीड ट्रांजिट सिस्टम की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में एक प्रमुख मील का पत्थर है।

कार्यक्रम की शुरुआत सीआईएसएफ के महानिदेशक द्वारा जवानों के आवास (बैचलर अकोमोडेशन) के निर्माण के लिए भूमि पूजन/शिलान्यास के साथ हुई। यह आरआरटीएस ड्यूटी पर तैनात सीआईएसएफ जवानों के लिए बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

सीआईएसएफ और एनसीआरटीसी के वरिष्ठ अधिकारियों ने परिचालन और बुनियादी ढांचे की तैयारियों का जायजा लिया और कॉरिडोर की सुरक्षा के लिए तैनात जवानों से बातचीत की।

सीआईएसएफ की तैनाती से पूरे आरआरटीएस नेटवर्क में कड़ी सुरक्षा सुनिश्चित होगी, जिसमें उन्नत निगरानी प्रणाली (एडवांस्ड सर्विलांस सिस्टम), एक्सेस कंट्रोल, तोड़फोड़ विरोधी जांच और तुरंत प्रतिक्रिया देने की क्षमताएं शामिल हैं।

सीआईएसएफ के महानिदेशक प्रवीर रंजन ने कहा,"आरआरटीएस 'नमो भारत' नेटवर्क में सीआईएसएफ की तैनाती भारत के नए जमाने के परिवहन ढांचे को सुरक्षित करने में एक अहम कदम है। जैसे-जैसे परिवहन प्रणालियां तेज और आपस में जुड़ रही हैं, सुरक्षा के प्रति हमारा दृष्टिकोण भी उतना ही उन्नत, एकीकृत और तकनीक-आधारित होना चाहिए। सीआईएसएफ एक सहज, मजबूत और यात्री-केंद्रित सुरक्षा माहौल प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है जो न केवल बुनियादी ढांचे की रक्षा करता है बल्कि यात्रियों में विश्वास भी जगाता है। हम आरआरटीएस में उच्च मानक स्थापित करने के लिए एनसीआरटीसी और सभी हितधारकों के साथ मिलकर काम करने के लिए तत्पर हैं।"

इस कार्यक्रम में एक परिचयात्मक दौरा भी शामिल था, जहां सीआईएसएफ के महानिदेशक, एनसीआरटीसी के एमडी और अन्य अधिकारियों ने नमो भारत सिस्टम में न्यू अशोक नगर से आनंद विहार और आनंद विहार से सराय काले खां आरआरटीएस स्टेशनों तक एक छोटी यात्रा की।

सीआईएसएफ की इस औपचारिक तैनाती और इससे पहले संयुक्त रूप से विकसित मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के माध्यम से दिल्ली मेट्रो के साथ इसके एकीकरण से पूरे ट्रांजिट नेटवर्क में एक समान और बेहतरीन सुरक्षा ढांचा सुनिश्चित होगा। इसमें एक समान नियम, तालमेल के साथ निरीक्षण, नियंत्रित प्रवेश और यात्रियों की बेहतर सुरक्षा शामिल है।

आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय के तहत एनसीआरटीसी द्वारा लागू किया जा रहा आरआरटीएस 'नमो भारत' प्रोजेक्ट एक प्रमुख पहल है, जिसका उद्देश्य तेज, विश्वसनीय और टिकाऊ क्षेत्रीय कनेक्टिविटी (जुड़ाव) प्रदान करना है। 180 किमी/घंटा तक की गति से चलने के लिए डिज़ाइन की गई ट्रेनों के साथ, पहले चरण के तहत दिल्ली-मेरठ कॉरिडोर पूरे एनसीआर में यात्रा के समय को काफी कम करने वाला है।

--आईएएनएस

एएसएच/डीकेपी