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चुनाव आयोग संवैधानिक संस्था, राहुल गांधी को ज्ञानेश कुमार को हटाने की प्रक्रिया का ज्ञान नहीं: ओपी राजभर

लखनऊ, 3 नवंबर (आईएएनएस)। यूपी सरकार में कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने 'अराजकता हटाओ, लोकतंत्र बचाओ' मार्च में हिस्सा लेते हुए चुनाव आयोग और विपक्ष के आरोपों पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने चुनाव आयोग को संवैधानिक संस्था बताते हुए मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के मुद्दे पर विपक्ष को घेरा। इसके साथ ही राजभर ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की राहुल गांधी की मांग पर तंज कसा।
 

लखनऊ, 3 नवंबर (आईएएनएस)। यूपी सरकार में कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने 'अराजकता हटाओ, लोकतंत्र बचाओ' मार्च में हिस्सा लेते हुए चुनाव आयोग और विपक्ष के आरोपों पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने चुनाव आयोग को संवैधानिक संस्था बताते हुए मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के मुद्दे पर विपक्ष को घेरा। इसके साथ ही राजभर ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की राहुल गांधी की मांग पर तंज कसा।

ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि चुनाव आयोग एक संवैधानिक संस्था है और वह अपना काम कर रहा है। चुनाव आयोग के कामकाज को लेकर भाजपा और एनडीए गठबंधन पर आरोप लगाने का क्या औचित्य है? सभी राजनीतिक दल बूथ पर जाकर अपने वोट बढ़ाने या घटाने का काम करते हैं। ऐसे में नाम काटे जाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ या भाजपा को जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं है। मतदाता सूची से उन लोगों के नाम हटना स्वाभाविक है, जिनकी मृत्यु हो चुकी है। उन्होंने विपक्ष पर कटाक्ष करते हुए आरोप लगाया कि पहले चुनाव के समय मृत लोगों के नाम पर भी वोट डलवाए जाते थे। अब ऐसे नाम हटाए जा रहे हैं तो विपक्ष के नेता इस मुद्दे पर सवाल उठा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इसी वजह से विपक्ष में इतनी चिंता और शोर दिखाई दे रहा है।

राहुल गांधी के उस बयान पर कि जब तक ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देंगे, तब तक विरोध जारी रहेगा, राजभर ने तंज कसते हुए कहा कि अगर राहुल गांधी को इस प्रक्रिया की जानकारी होती तो वह सड़क पर इस्तीफे की मांग नहीं करते। इसके लिए लोकसभा, राज्यसभा और राष्ट्रपति की भूमिका होती है। राजभर ने राहुल गांधी को सलाह दी कि उन्हें इस प्रक्रिया को समझना चाहिए। उन्होंने राहुल गांधी के एक पुराने वीडियो का जिक्र करते हुए आलू डालने पर सोना निकलने वाली मशीन के दावे पर भी कटाक्ष किया। राजभर ने कहा कि राहुल गांधी खुद ही कई बार अपनी बातों को समझ नहीं पाते हैं।

धीरेंद्र शास्त्री के बयान की अखिलेश यादव द्वारा आलोचना किए जाने पर राजभर ने धार्मिक आस्था को लेकर समाजवादी पार्टी प्रमुख पर टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव भगवान कृष्ण को नहीं मानते। राजभर ने मथुरा और अयोध्या में दर्शन को लेकर भी उन पर सवाल उठाए। उन्होंने आगे कहा कि अखिलेश यादव की राजनीति में कभी 'अली-अली' तो कभी 'बजरंगबली' के नारे दिखाई देते हैं। वह न इधर के रहे और न उधर के।

--आईएएनएस

पीएसके