चुनाव आयोग के मुद्दे पर भाजपा का विपक्ष पर हमला, संदीप वर्मा बोले- नौटंकी से कोई फायदा नहीं
रांची, 6 अक्टूबर (आईएएनएस)। भाजपा प्रवक्ता संदीप वर्मा ने विपक्षी सांसदों के चुनाव आयोग के खिलाफ मार्च, विरोध प्रदर्शनों को लेकर समर्थन, पश्चिम बंगाल में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) से जुड़ी टिप्पणियों और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की ओर से सरकार को गैरकानूनी बताए जाने वाले बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने विपक्ष पर संवैधानिक संस्थाओं को निशाना बनाने और चुनावी हार का ठीकरा चुनाव आयोग पर फोड़ने का आरोप लगाया।
विपक्षी सांसदों के मार्च पर संदीप वर्मा ने कहा कि कांग्रेस को इस तरह की कथित नौटंकी से कोई फायदा नहीं होने वाला है। आयोग अपना काम कर रहा है और उसे अपना काम करने देना चाहिए। उन्होंने कांग्रेस के आपातकाल के दौर का जिक्र करते हुए कहा कि 1975 में देश में आपातकाल लगाया गया था और तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी पर सत्ता और शासन-प्रशासन के दुरुपयोग के आरोप लगे थे। उस समय संवैधानिक प्रावधानों का इस्तेमाल करते हुए आपातकाल लगाया गया था। वर्मा ने कहा कि जिन लोगों को संविधान पर भरोसा नहीं रहा, वही आज संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाने का बहाना ढूंढते हैं। चुनाव आयोग जिस तरह से काम कर रहा है, उसमें अनावश्यक हस्तक्षेप की जरूरत नहीं है।
सीजेपी की ओर से चुनावों के बहिष्कार के आह्वान को लेकर पूछे गए सवाल पर भाजपा प्रवक्ता ने संबंधित संगठन को लेकर तंज कसा। उन्होंने कहा कि अगर कोई खुद को राजनीतिक दल मानता है तो उसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सामने आकर चुनाव लड़ना चाहिए। चुनाव मैदान में उतरने पर उसे अपनी राजनीतिक हैसियत का पता चल जाएगा। भाजपा जनता से जुड़े मुद्दों को गंभीरता से उठाती है। जहां पार्टी सत्ता में होती है, वहां जनता की चिंता करती है और जहां विपक्ष में होती है, वहां लोगों के सवालों को उठाने का काम करती है।
संदीप वर्मा ने विपक्ष के आंदोलनों और उनके कथित विदेशी संपर्कों को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के आंदोलनों के दौरान प्रदर्शनकारियों के लिए खाने-पीने और अन्य सुविधाओं की व्यवस्था को लेकर सवाल उठते रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि इस तरह की सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही थीं तो फंडिंग के स्रोत की भी जानकारी सामने आनी चाहिए। उन्होंने राहुल गांधी के विदेश दौरों का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि विदेश के मंचों पर भारत की नीतियों और विदेश नीति की आलोचना करना उचित नहीं है। भाजपा का विरोध करते-करते विपक्ष को राष्ट्र के विरोध और सरकार के विरोध के बीच अंतर समझना चाहिए।
चुनाव आयोग पर उठ रहे सवालों पर भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि चुनाव आयोग एक स्वतंत्र संवैधानिक संस्था है और इसमें भाजपा या केंद्र सरकार के हस्तक्षेप का सवाल नहीं है। यदि किसी प्रक्रिया में कोई समस्या है तो सुप्रीम कोर्ट उसका अवलोकन कर रहा है और जरूरत पड़ने पर अदालत उचित निर्देश जारी कर सकती है। उन्होंने चुनाव आयोग के भीतर कथित असहमति को लेकर भी विपक्ष से प्रमाण सामने रखने को कहा। कांग्रेस के शासनकाल का उदाहरण देते हुए उन्होंने पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त एमएस गिल का जिक्र किया और कहा कि कांग्रेस ने उन्हें बाद में संसद और केंद्रीय मंत्रिमंडल तक में जगह दी थी। ऐसे राजनीतिक दलों द्वारा आज चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाना हास्यास्पद है।
पश्चिम बंगाल में समान नागरिक संहिता लागू किए जाने की चर्चा पर संदीप वर्मा ने कहा कि समान नागरिक संहिता पूरे देश की जरूरत है और इस दिशा में काम होना चाहिए। उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वह शरीयत के कानून की बात करती है। वर्मा ने कहा कि मुस्लिम महिलाओं को भी अपनी जिंदगी अपने अधिकारों के अनुसार जीने का पूरा अधिकार होना चाहिए।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के चुनावों और सरकारों को गैरकानूनी बताए जाने वाले बयान पर संदीप वर्मा ने कांग्रेस से सवाल किया कि जिन राज्यों में उसकी सरकारें हैं, वहां उसे इस्तीफा देकर दोबारा चुनाव में जाना चाहिए। उन्होंने कर्नाटक, केरल, हिमाचल प्रदेश और झारखंड का जिक्र करते हुए कहा कि अगर चुनाव प्रक्रिया ही गैरकानूनी है तो कांग्रेस को पहले अपनी सरकारों को भंग करना चाहिए और फिर जनता के बीच जाना चाहिए।
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि जहां कांग्रेस चुनाव जीतती है, वहां उसे चुनाव प्रक्रिया पर सवाल नहीं दिखता, लेकिन जहां उसे हार का सामना करना पड़ता है, वहां चुनाव आयोग और चुनाव प्रक्रिया पर आरोप लगाए जाते हैं। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस का देश के कई राज्यों में लंबे समय से जनाधार कमजोर हुआ है। उन्होंने कांग्रेस नसीहत देते हुए रहा कि पार्टी को चुनावी हार के कारणों पर आत्ममंथन करना चाहिए। जनता के बीच समर्थन कम होने की वजह तलाशने के बजाय संवैधानिक संस्थाओं पर आरोप लगाने से कांग्रेस की स्थिति नहीं बदलेगी। आने वाले समय में कांग्रेस को अपने घटते जनाधार की स्थिति का और स्पष्ट अंदाजा हो जाएगा।
--आईएएनएस
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