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चुनाव आयोग भाजपा की इकाई की तरह काम कर रहा है, आरोपों का जवाब दे: उदित राज

नई दिल्ली, 26 सितंबर (आईएएनएस)। चुनाव आयोग की ओर से फॉर्म-6 में किसी तरह की गड़बड़ी से इनकार किए जाने और एसआईआर को लेकर सभी फैसले तीनों चुनाव आयुक्तों की सहमति से लिए जाने के दावे पर कांग्रेस नेता उदित राज ने सवाल उठाए हैं। आयोग पर गंभीर आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग भाजपा की एक इकाई की तरह काम कर रहा है। फॉर्म-6 में किए गए बदलाव चुनाव आयोग के अधिकार क्षेत्र में नहीं हैं और इसी वजह से बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम कट रहे हैं।
 

नई दिल्ली, 26 सितंबर (आईएएनएस)। चुनाव आयोग की ओर से फॉर्म-6 में किसी तरह की गड़बड़ी से इनकार किए जाने और एसआईआर को लेकर सभी फैसले तीनों चुनाव आयुक्तों की सहमति से लिए जाने के दावे पर कांग्रेस नेता उदित राज ने सवाल उठाए हैं। आयोग पर गंभीर आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग भाजपा की एक इकाई की तरह काम कर रहा है। फॉर्म-6 में किए गए बदलाव चुनाव आयोग के अधिकार क्षेत्र में नहीं हैं और इसी वजह से बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम कट रहे हैं।

उदित राज ने पश्चिम बंगाल का उदाहरण देते हुए दावा किया कि 38 लाख मतदाता ऐसे थे, जिनका सत्यापन या 'शुद्धिकरण' नहीं हुआ था और वे मतदान से वंचित रह गए। बाद में हुए सत्यापन में इनमें से 93 प्रतिशत तक मतदाता वास्तविक पाए गए। कांग्रेस नेता ने सवाल किया कि अगर ये मतदाता वास्तविक थे तो उन्हें मतदान से वंचित किए जाने का चुनाव आयोग के पास क्या जवाब है।

इसी तरह, बिहार का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि शुद्धिकरण के बाद भी करीब 1.32 करोड़ मतदाताओं के रिकॉर्ड में पता, माता-पिता के नाम या मतदाता के नाम से संबंधित गलतियां पाई गई थीं। उन्होंने चुनाव आयोग से इस स्थिति पर स्पष्टीकरण देने की मांग की। उदित राज ने गोवा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी से जुड़ा एक मामला भी उठाया। उन्होंने दावा किया कि गोवा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी 97 मतदाताओं के नाम जोड़ने की कोशिश करते रहे, लेकिन केंद्रीय स्तर से प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी।

कर्नाटक का जिक्र करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा से जुड़े कुछ लोगों के पास वेबसाइट का ऐसा कनेक्शन था, जिसके जरिए मतदाताओं के नाम जोड़ने की सुविधा थी और यह मामला पकड़ा गया। उन्होंने कथित तौर पर एक ही व्यक्ति के कई जगह वोट देने के मामले का भी उल्लेख किया। कांग्रेस नेता ने कहा कि यदि चुनाव आयोग को लगता है कि मतदाता सूची में सब कुछ ठीक है, तो पूरी मतदाता सूची को इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से वेबसाइट पर उपलब्ध कराया जाना चाहिए, ताकि लोग खुद इसकी जांच कर सकें।

केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी की ओर से एसआईआर विवाद को विपक्ष के आरोपों पर आधारित और बेबुनियाद बताए जाने पर भी उदित राज ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने कई सवाल उठाए हैं और चुनाव आयोग को उन सवालों का जवाब देना चाहिए।

विदेश मंत्री एस जयशंकर के संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठक के दौरान एक पाकिस्तानी पत्रकार के सवाल के जवाब पर भी उदित राज ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने जयशंकर के जवाब को उचित बताया, लेकिन साथ ही सवाल किया कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के भारत-पाकिस्तान युद्ध रुकवाने संबंधी दावे पर भी इसी तरह का जवाब क्यों नहीं दिया जाता।

भाजपा की ओर से यह आरोप लगाए जाने पर कि कांग्रेस की लड़ाई संविधान, लोकतंत्र या चुनाव आयोग के लिए नहीं बल्कि गांधी परिवार को सत्ता में वापस लाने के लिए है, उदित राज ने कहा कि गांधी परिवार सत्ता के पीछे नहीं भागता। 2009 में राहुल गांधी के पास प्रधानमंत्री बनने का अवसर था, लेकिन उन्होंने पद स्वीकार नहीं किया। उन्होंने मनमोहन सिंह के प्रधानमंत्री बनने के समय सोनिया गांधी को लेकर भी अपनी बात रखी और कहा कि गांधी परिवार ने देश की सेवा की है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भजन क्लबिंग कार्यक्रम में शामिल होने को लेकर भी उदित राज ने तीखी टिप्पणी की। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री चोरी और लूट के जरिए सत्ता में आए हैं और इसी वजह से उनके पास आलोचना की चिंता करने का कारण नहीं है। प्रधानमंत्री मोदी फर्जी वोटरों, चुनाव आयोग, डेटा और ईवीएम के कथित दुरुपयोग के जरिए सत्ता में आए हैं। यदि किसी व्यक्ति को लगता है कि उसने चुनावी व्यवस्था को प्रभावित कर जीत हासिल की है, तो आलोचना से उसे कोई फर्क नहीं पड़ेगा।

--आईएएनएस

पीएसके