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चित्रकूट: मंदाकिनी नदी का जलस्तर बढ़ने से घाट, मंदिर और दुकानें जलमग्न; स्कूल-कॉलेज बंद, जारी किया गया अलर्ट

चित्रकूट, 26 सितंबर (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश के चित्रकूट जिले में मंदाकिनी नदी का जलस्तर बढ़ने से घाट, मंदिर और दुकानें जलमग्न हो गए हैं। स्थिति को देखते हुए प्रशासन की ओर से बचाव दल तैनात किए गए हैं और स्कूल-कॉलेज बंद कर दिए गए हैं। सुरक्षा को लेकर अलर्ट जारी किया गया। स्थिति को लेकर स्थानीय लोगों ने आईएएनएस से बातचीत की।
 

चित्रकूट, 26 सितंबर (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश के चित्रकूट जिले में मंदाकिनी नदी का जलस्तर बढ़ने से घाट, मंदिर और दुकानें जलमग्न हो गए हैं। स्थिति को देखते हुए प्रशासन की ओर से बचाव दल तैनात किए गए हैं और स्कूल-कॉलेज बंद कर दिए गए हैं। सुरक्षा को लेकर अलर्ट जारी किया गया। स्थिति को लेकर स्थानीय लोगों ने आईएएनएस से बातचीत की।

आईएएनएस से बातचीत करते हुए एक स्थानीय शख्स ने कहा, "मध्य प्रदेश में बीते तीन-चार दिन से बारिश हो रही है, जिसकी वजह से पानी इकठ्ठा हुआ और कल से लगातार पानी बढ़ रहा है। कल शाम तक रामघाट की आधी दुकानें डूब गई थीं। अभी कुछ कहा नहीं जा सकता, क्योंकि मंदाकिनी नदी का जलस्तर धीरे-धीरे बढ़ रहा है। जिससे खतरा बढ़ गया है।"

स्थानीय शख्स जानकी केसरवानी ने कहा, "मंदाकिनी नदी का जलस्तर बढ़ने से हम लोगों की परेशानी पढ़ गई है। हम लोगों ने दुकान खाली कर दी है और पूरी रात जागते रहे हैं। मंदाकिनी का पानी हमारी दुकान तक आ गया था। जब तक बारिश होगी बाढ़ के खतरे की आशंका बनी रहेगी। प्रशासन की ओर से हमको कुछ मदद नहीं मिलती, बल्कि दुकानें गिराने के लिए बोला जा रहा है। हम लोग कहां जाएंगे?"

स्थानीय निवासी दिनेश कुशवाहा ने कहा, "चित्रकूट में दो-तीन दिन से लगातार बारिश हो रही है, जिसकी वजह से मां मंदाकिनी का जलस्तर रात में बढ़ गया था। जलस्तर अब धीरे-धीरे कम हो रहा है। ऐसे में अगर हर बार पानी आता रहेगा तो चित्रकूट में तो पानी ही पानी रह जाएगा। जलस्तर बढ़ने से प्रशासन सक्रिय हुआ है, जिलाधिकारी के नेतृत्व में पूरी टीम लगी हुई है। लोग स्नान कर रहे हैं और हर घाट पर प्रशासन अलर्ट है। लोगों को किसी प्रकार की कोई दिक्कत नहीं हो रही है।

दिनेश कुशवाहा ने आगे कहा, "जिलाधिकारी पुलकित गर्ग की ओर से बताया जा रहा है कि घाट से दूर रहें।" उन्होंने कहा कि लोगों को पानी से दूर रहना चाहिए। पानी का बहाव कब तेज हो जाए, यह किसी को नहीं पता।

--आईएएनएस

एसडी/एएस