चिराग ने बिहार सरकार के मंत्री के बयान से जताई असहमति, राघोपुर नाव हादसे पर तेजस्वी को घेरा
पटना, 18 अक्टूबर (आईएएनएस)। केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने बिहार सरकार में मंत्री भगवान सिंह कुशवाहा के 'हत्याएं होती रहती हैं' वाले बयान पर असहमति जताते हुए कहा कि किसी भी आपराधिक घटना के लिए सरकार का हिस्सा होने के नाते मंत्री, सांसद और विधायकों की जिम्मेदारी बढ़ जाती है।
उन्होंने कहा कि किसी भी घटना को छोटी-मोटी बताना या ऐसी घटनाएं होती रहती हैं, कहना कतई उचित नहीं है।
चिराग ने राघोपुर नाव हादसे को लेकर बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव पर भी निशाना साधा। चिराग पासवान ने रविवार को मीडिया से बातचीत में कहा कि बिहार या देश में कहीं भी एक घटना होती है, तो जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी है कि वे विनम्रता के साथ मामले की जांच करवाएं और पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह ऐसे गैर-जिम्मेदाराना बयानों का समर्थन नहीं करते। उनके अनुसार, एक भी आपराधिक घटना होना सरकार और समाज के लिए शर्म की बात है और ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए गंभीर प्रयास किए जाने चाहिए।
राघोपुर नाव हादसे पर प्रतिक्रिया देते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि हाजीपुर लोकसभा क्षेत्र का सांसद होने के नाते इस क्षेत्र में होने वाली घटनाओं के प्रति उनकी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों, इसके लिए प्रयास करना भी उनकी जिम्मेदारी है। जहां उनसे चूक होगी, उसे स्वीकार करेंगे और व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए काम करेंगे। हालांकि, उन्होंने तेजस्वी यादव पर सवाल उठाते हुए कहा कि जिस राघोपुर की जनता ने उन्हें विधायक और उपमुख्यमंत्री बनाया, वहां हादसे के बाद उन्हें सुबह-सुबह पहुंचने तक की फुर्सत नहीं मिली।
चिराग ने कहा कि अगर तेजस्वी यादव दूसरों से सवाल पूछते हैं, तो उनसे भी सवाल पूछे जाएंगे। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि यह राजनीति करने का समय नहीं है, क्योंकि हादसे में जान गंवाने वालों के परिवार आज भी गहरे दुख से गुजर रहे हैं।
पश्चिम बंगाल में दुर्गा पूजा पंडाल गिरने की घटना पर चिराग ने दुख जताया। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाओं से प्रभावित परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ता है।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा अपने कार्यक्रम रद्द किए जाने का उल्लेख करते हुए उन्होंने इसे संवेदनशीलता का परिचायक बताया। वहीं, चोरबागान भगदड़ की घटना के बाद भी लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा सभा किए जाने को लेकर चिराग ने कहा कि यह विपक्ष की संवेदनशीलता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि जब कई परिवार पीड़ा से गुजर रहे हों, तब राजनीति को प्राथमिकता देना संबंधित व्यक्ति की अपनी सोच है। विदेशी नागरिकों द्वारा भारतीय जमीन पर विरोध प्रदर्शन किए जाने के सवाल पर चिराग ने कहा कि सरकार का रुख सही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत की जमीन पर किसी विदेशी व्यक्ति का विरोध प्रदर्शन करना स्वीकार्य नहीं है और भारत सरकार को अस्थिर करने की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जा सकती।
--आईएएनएस
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