चीन और यूनेस्को ने ज्ञापन संपन्न किया
बीजिंग, 14 मई (आईएएनएस)। चीन और यूनेस्को ने 13 मई को रणनीतिक सहयोग मजबूत करने संबंधी ज्ञापन संपन्न किया।
ज्ञापन के कुल पांच भाग हैं। इसमें स्पष्ट रूप से कहा गया है कि चीन और यूनेस्को सक्रियता से व्यवहारिक सहयोग बढ़ाएंगे, साथ ही राष्ट्रपति शी चिनफिंग द्वारा प्रस्तुत वैश्विक विकास पहल, वैश्विक सुरक्षा पहल, वैश्विक सभ्यता पहल व वैश्विक शासन पहल का कार्यान्वयन करेंगे और सभ्यता का आदान-प्रदान व पारस्परिक शिक्षा तथा मानव जाति साझे भविष्य वाले समुदाय का निर्माण बढ़ाने में प्रयास करेंगे।
ज्ञापन में वर्ष 2026 से 2029 तक यूनेस्को की समग्र प्राथमिकताओं यानी “अफ्रीका” और “लैंगिक समानता”, प्राथमिकता समूह “युवा” और “छोटे द्वीपीय विकासशील देश” में दोनों पक्षों के बीच सहयोग के मुख्य क्षेत्र निर्धारित किए गए।
दोनों पक्ष शिक्षा के डिजिटल रूपांतरण, एसटीईएम शिक्षा, शिक्षक शिक्षा, व्यावसायिक शिक्षा, उच्च शिक्षा, मौलिक विज्ञान अनुसंधान, खुला विज्ञान, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, वैश्विक प्रौद्योगिकी संचालन सहयोग, विज्ञान द्वारा सतत विकास के लिए अंतर्राष्ट्रीय दशक, अंतर्राष्ट्रीय प्रमुख वैज्ञानिक योजना, संस्कृतियों के बीच संवाद व सभ्यताओं के आदान-प्रदान बढ़ाना, विश्व धरोहर, गैरभौतिक सांस्कृतिक विरासत, सांस्कृतिक विविधता की सुरक्षा, जन सूचना योजना, विश्व स्मृति और मीडिया साक्षरता आदि में व्यवहारिक सहयोग मजबूत करेंगे।
दोनों पक्षों ने अफ्रीकी और एशिया-प्रशांत क्षेत्र में “विश्व धरोहर संधि” के कार्यान्वयन की क्षमता मजबूत बनाने के लिए चीनी ट्रस्ट फंड संबधी समझौता भी संपन्न किया।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)
--आईएएनएस
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