छोटे दुकानदार से लेकर सब्जी वाले तक ने यूपीआई को अपनाया: गौरव वल्लभ
नई दिल्ली, 25 अगस्त (आईएएनएस)। यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) की 10वीं सालगिरह के मौके पर भाजपा नेता गौरव वल्लभ ने भारत के डिजिटल भुगतान तंत्र की उपलब्धियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि पिछले एक दशक में यूपीआई ने न केवल देश में लेन-देन के तौर-तरीकों को बदल दिया है, बल्कि डिजिटल अर्थव्यवस्था को मजबूती देने में भी अहम भूमिका निभाई है। इस दौरान उन्होंने यूपीआई को लेकर शुरुआती दौर में उठाए गए सवालों का जिक्र करते हुए कांग्रेस नेताओं पर भी निशाना साधा।
गौरव वल्लभ ने कहा कि जब यूपीआई की शुरुआत हुई थी, तब इसे लेकर कई तरह के सवाल उठाए गए थे। पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने संसद में छोटे दुकानदारों और सब्जी विक्रेताओं द्वारा डिजिटल भुगतान स्वीकार किए जाने को लेकर सवाल उठाए थे। आज यूपीआई ने उन सभी आशंकाओं को पीछे छोड़ दिया है और छोटे दुकानदारों से लेकर बड़े कारोबारियों तक डिजिटल भुगतान का माध्यम बन चुका है। वैश्विक रियल-टाइम पेमेंट सिस्टम में यूपीआई की हिस्सेदारी करीब 49 प्रतिशत है। जुलाई 2026 में एक ही महीने के दौरान यूपीआई के जरिए करीब 2,400 करोड़ लेन-देन हुए। वित्त वर्ष 2016-17 में जहां यूपीआई के जरिए करीब 2 करोड़ लेन-देन होते थे, वहीं अब यह आंकड़ा 24,162 करोड़ तक पहुंच गया है। गौरव वल्लभ ने इसे भारत के लोगों के संकल्प, डिजिटल इंडिया की उपलब्धि और केंद्र सरकार की नीतियों का परिणाम बताया।
भाजपा नेता ने कहा कि यूपीआई अब केवल भारत तक सीमित नहीं है। दुनिया के 30 से ज्यादा देशों में इसका इस्तेमाल लेन-देन के लिए किया जा रहा है। भारत की तकनीकी क्षमता और समावेशी वित्तीय व्यवस्था का प्रभाव अब वैश्विक स्तर पर दिखाई दे रहा है। देश के छोटे व्यापारी, खुदरा कारोबारी और आम नागरिक मोबाइल फोन के माध्यम से आसानी से भुगतान कर रहे हैं। यूपीआई ने लेन-देन को बड़े पैमाने पर संभव बनाने के साथ-साथ उसे आसान और सुरक्षित भी बनाया है। आज यूपीआई स्केलेबिलिटी, सुलभता और वित्तीय लेन-देन की सुरक्षा का पर्याय बन चुका है।
गौरव वल्लभ ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के उस बयान का भी जिक्र किया, जिसमें उन्होंने भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए 'डेड इकॉनमी' शब्द का इस्तेमाल किए जाने का आरोप लगाया। वल्लभ ने कहा कि एक ओर भारत दुनिया की तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है, वहीं दूसरी ओर विपक्ष के कुछ नेता भारतीय अर्थव्यवस्था को लेकर नकारात्मक टिप्पणी करते हैं। उन्होंने दावा किया कि वित्त वर्ष 2027 में भारत की आर्थिक वृद्धि दर 6.5 प्रतिशत से अधिक रहने की उम्मीद है और वित्त वर्ष के अंत तक इसमें और सुधार देखने को मिल सकता है। वैश्विक स्तर पर कई अर्थव्यवस्थाएं मंदी और आर्थिक चुनौतियों से जूझ रही हैं, जबकि भारत को उन्होंने वैश्विक अर्थव्यवस्था के बीच एक 'चमकता सितारा' बताया।
गौरव वल्लभ ने भारत में तेजी से बढ़ते विनिर्माण क्षेत्र का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारत आज दुनिया के प्रमुख मोबाइल विनिर्माण केंद्रों में स्थापित हो चुका है। सेमीकंडक्टर चिप से लेकर शिप निर्माण तक देश में उत्पादन क्षमता बढ़ाई जा रही है। भारत की अर्थव्यवस्था नए-नए क्षेत्रों में विस्तार कर रही है। ब्लू इकोनॉमी से लेकर ऑरेंज इकोनॉमी तक अलग-अलग क्षेत्रों में देश नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। उन्होंने आईटी-इनेबल्ड सर्विसेज के साथ-साथ एआई-इनेबल्ड सर्विसेज को भी भारतीय सेवा क्षेत्र के विकास के लिए महत्वपूर्ण बताया।
बेरोजगारी और अर्थव्यवस्था को लेकर कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी की टिप्पणियों पर गौरव वल्लभ ने कांग्रेस नेतृत्व को आर्थिक मुद्दों पर बयान देने से पहले विशेषज्ञों से जानकारी लेने की सलाह दी। उन्होंने प्रियंका गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे का नाम लेते हुए कहा कि उन्हें किसी अर्थव्यवस्था के जानकार को बुलाकर मौजूदा आर्थिक परिस्थितियों और आंकड़ों को समझना चाहिए और उसके बाद बयान देना चाहिए। आर्थिक मुद्दों पर तथ्यों को समझे बिना टिप्पणी करने से कांग्रेस नेताओं की बातों पर देश के लोग सवाल उठा सकते हैं।
गौरव वल्लभ ने यूपीआई की उपलब्धियों को भारत की तकनीकी क्षमता, डिजिटल बदलाव और वित्तीय समावेशन से जोड़ते हुए कहा कि पिछले दस वर्षों में डिजिटल भुगतान ने आम लोगों के जीवन में बड़ा बदलाव किया है। जिस डिजिटल भुगतान व्यवस्था को लेकर शुरुआत में कई सवाल उठाए गए थे, वही व्यवस्था आज भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था की पहचान बन चुकी है।
--आईएएनएस
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