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छत्तीसगढ़ में बदहाल स्कूल की फोटो खींचकर चले गए अधिकारी, छात्र टपकती छत के नीचे पढ़ने को मजबूर

कोरबा, 6 सितंबर (आईएएनएस)। छत्तीसगढ़ में कोरबा जिले के गुरसिया क्षेत्र में हो रही बारिश ने हायर सेकेंडरी स्कूल में शिक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है। स्कूल के कई क्लासरूम की छत से पानी टपकने के कारण कक्षाओं के अंदर बैठना मुश्किल हो गया है। पानी सीधे छात्रों की किताबों, कॉपियों और बेंच पर गिर रहा है। स्थिति इतनी खराब है कि एक क्लासरूम को इस्तेमाल करना बंद कर दिया गया है।
 

कोरबा, 6 सितंबर (आईएएनएस)। छत्तीसगढ़ में कोरबा जिले के गुरसिया क्षेत्र में हो रही बारिश ने हायर सेकेंडरी स्कूल में शिक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है। स्कूल के कई क्लासरूम की छत से पानी टपकने के कारण कक्षाओं के अंदर बैठना मुश्किल हो गया है। पानी सीधे छात्रों की किताबों, कॉपियों और बेंच पर गिर रहा है। स्थिति इतनी खराब है कि एक क्लासरूम को इस्तेमाल करना बंद कर दिया गया है।

लगातार बारिश के दौरान छात्र अपनी जगह बदलने के लिए मजबूर होते हैं। जहां छत से पानी कम टपकता है, वहां विद्यार्थी बेंच खिसकाकर बैठते हैं। कई बार पानी से बचने के लिए उन्हें कक्षा से बाहर भी जाना पड़ता है। इसका सबसे ज्यादा असर 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों की पढ़ाई पर पड़ रहा है। छात्रों का कहना है कि बारिश के दौरान पढ़ाई करना लगभग असंभव हो जाता है और कॉपी-किताबें भीगने से पढ़ाई का नुकसान होता है।

एक छात्र ने पत्रकारों से बात करते हुए बताया, "जब बारिश होती है, तो छत से बहुत पानी टपकता है, जिससे हमारी पढ़ाई में रुकावट आती है। हर क्लास रूम में पानी टपकता है। पानी की वजह से छात्र इधर-उधर होते रहते हैं और एक बेंच से दूसरी बेंच पर चले जाते हैं। 9वीं, 10वीं, 11वीं और 12वीं के छात्रों को सबसे ज्यादा परेशानी होती है।"

दूसरे छात्र ने बताया, बारिश के समय सभी कक्षाओं में पानी गिरने लगता है, जिससे पढ़ाई नहीं हो पाती। यह समस्या पिछले साल भी थी, लेकिन अब तक इसका स्थायी समाधान नहीं किया गया है। स्कूल में बारिश के दौरान बिजली चले जाने और पीने के पानी की उपलब्धता नहीं होने से विद्यार्थियों की परेशानी बढ़ जाती है।

स्कूल के असिस्टेंट प्रिंसिपल प्रेम कुमार ने बताया कि बरामदे समेत स्कूल के कई हिस्सों में सीपेज की समस्या है। उन्होंने कहा कि करीब सात कमरों में पानी टपक रहा है। कार्यालय में रखी अलमारियों और सामान को प्लास्टिक शीट से ढककर बचाने की कोशिश की जा रही है।

प्रेम कुमार के अनुसार पानी की निकासी के लिए वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम का पाइप खोल दिया गया, जिससे सीपेज में कुछ कमी आई है। स्कूल प्रबंधन की ओर से समस्या को लेकर लिखित शिकायत भी की गई है और जिला शिक्षा अधिकारी को पूरे मामले की जानकारी दी गई है। इसके बावजूद अब तक मरम्मत या स्थायी समाधान की दिशा में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।

उन्होंने बताया कि यह समस्या वर्ष 2023 से बनी हुई है। स्कूल में बुनियादी ढांचे की कमी के कारण हर बारिश में विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। बीच में प्रशासन के अधिकारी आए थे और फोटो खींचकर ले गए थे, लेकिन अब तक इस समस्या का कोई समाधान नहीं हो सका है।

--आईएएनएस

एसएके/वीसी