छत्तीसगढ़: लखपति दीदी योजना से सरगुजा की महिलाएं आत्मनिर्भर, ‘छत्तीसकला’ ब्रांड से बाजार में बनाई नई पहचान
सरगुजा, 1 मार्च (आईएएनएस)। पीएम मोदी की लखपति दीदी योजना से छत्तीसगढ़ की ग्रामीण महिलाओं का जीवन बदल रहा है। गांव की महिलाएं अब सिर्फ चूल्हे में खाना बस नहीं पकाती हैं, बल्कि वे आत्मनिर्भर बनकर स्वरोजगार कर रही हैं। सरगुजा की महिलाएं व्यापार कर रही हैं और बड़ी-बड़ी कंपनियों को टक्कर देने के लिए बेहतर ब्रांडिंग व पैकेजिंग के जरिए ग्रामीण उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार में बिकने योग्य बना रही हैं।
सरगुजा जिला प्रशासन ने महिलाओं की बेहतरी के लिय एक और नवाचार किया है। स्वयं सहायता समूह की महिलाओं के उत्पादों की अब ब्रांडिंग और आकर्षक पैकेजिंग करके शहर में एक आउटलेट आशा बिहान बाजार खोला गया है। ये सारे प्रोडक्ट अब शहर की दुकानों और ई कॉमर्स साइट्स पर भी उपलब्ध हैं। खास बात यह है कि इसकी ब्रांडिंग छत्तीसकला ब्रांड से की जा रही हैं, जिसके तहत प्रदेशभर के अलग-अलग क्षेत्रों में बनने वाले उत्पादों को दूसरे जिलो में भी बेचा जा सकेगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लखपति दीदी योजना के तहत के तहत आशा देवी को नेशनल रूरल लाइवली हुड मिशन के द्वारा 5 लाख का लोन दिया गया, जिससे अब आशा आत्मनिर्भर बनने की दिशा में अग्रसर हैं।
सरगुजा के किशुन नगर गांव की आशा देवी ने बताया कि पहले हम लोगों को सेल के लिए स्थाई जगह नहीं थी, जहां हम इसको रखकर बेच सके, लेकिन लखपति दीदी योजना से जिला पंचायत के माध्यम से 5 लाख का लोन मिला, जिससे हम लोगों ने आशा बिहान के नाम से ये दुकान खोली है।
उन्होंने बताया कि इस बिहान बाजार में हम अपने गांव में बनी शुद्ध वस्तुओं को बेचते हैं। ये सब समूह की दीदियों के द्वारा बनाया गया है। मोरिंगा पावडर, कच्ची घानी का सरसों तेल, जीरा फूल चावल, तीखुर का आटा सब कुछ यहां पर मिलता है।
जिला पंचायत सीईओ विनय अग्रवाल ने बताया कि सरगुजा जिले में बिहान की दीदियां कई सारे उत्पाद बनाती हैं, लेकिन एक प्रॉपर प्लेटफार्म और ब्रांडिंग पैकेजिंग बेहतर नहीं होने की वजह से इनका प्रोडक्ट बाजार में वो जगह नहीं बना पा रहा था, जो अन्य प्रोडक्ट बना लेते हैं। इसलिए अब ये प्रोडक्ट छत्तीसकला नाम के ब्रांड से आकर्षक पैकेट में बिकेंगे।
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