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छत्तीसगढ़ : खैर की लकड़ी के अवैध परिवहन और फर्जी एनओसी मामले में बड़ी कार्रवाई, 81 लाख रुपए नकद जब्त

महासमुंद, 8 सितंबर (आईएएनएस)। छत्तीसगढ़ के महासमुंद में खैर की लकड़ी के अवैध परिवहन और फर्जी एनओसी के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है।
 

महासमुंद, 8 सितंबर (आईएएनएस)। छत्तीसगढ़ के महासमुंद में खैर की लकड़ी के अवैध परिवहन और फर्जी एनओसी के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है।

पुलिस ने मामले के आरोपी मनीष अग्रवाल के ग्राम मुड़पार, थाना सरसींवा, जिला सारंगढ़-बिलाईगढ़ स्थित मकान में तलाशी लेकर 81 लाख रुपए नकद बरामद किए हैं। पुलिस ने पूरी रकम विधिवत जब्त कर ली है।

पुलिस के अनुसार, वन परिक्षेत्र अधिकारी पिथौरा के आवेदन पर खैर की लकड़ी के अवैध परिवहन और एनटीपीएस एनओसी में कूटरचना कर उसका वास्तविक दस्तावेज के रूप में इस्तेमाल करने के मामले में थाना पिथौरा में अपराध दर्ज किया गया है।

मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), भारतीय वन अधिनियम और आर्म्स एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर जांच की जा रही है।

जांच के दौरान पुलिस को आरोपी मनीष अग्रवाल के मकान में नकदी होने की जानकारी मिली। इसके बाद, पुलिस ने न्यायालय से सर्च वारंट प्राप्त किया। 7 सितंबर 2026 को पुलिस टीम ने मकान की तलाशी ली। यह कार्रवाई मकान के केयरटेकर और गवाहों की मौजूदगी में की गई।

तलाशी के दौरान एक थैले से 500 रुपए के नोटों की 162 गड्डियां बरामद हुईं। इनमें कुल 16,200 नोट थे, जिनकी कीमत 81,00,000 रुपए है। पुलिस ने मौके पर ही पूरी रकम को जब्त कर लिया।

वहीं, पुलिस का कहना है कि जब्त की गई नकदी प्रथम दृष्टया अपराध से अर्जित संपत्ति से संबंधित हो सकती है। इसलिए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 107 के तहत इस रकम की कुर्की के लिए न्यायालय में आवेदन प्रस्तुत किया जा रहा है। इसका उद्देश्य आरोपी को अपराध से अर्जित आर्थिक लाभ से वंचित करना है।

महासमुंद पुलिस ने बताया कि वनोपज के अवैध परिवहन, दस्तावेजों में फर्जीवाड़ा और अन्य अवैध गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। मामले की विवेचना फिलहाल जारी है।

--आईएएनएस

एसएचके/एबीएम