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छत्तीसगढ़ के लिए ऐतिहासिक दिन, पहली बार 'मुरिया दरबार' में शामिल हो रहीं राष्ट्रपति: सीएम विष्णु देव साय

रायपुर, 23 अक्टूबर (आईएएनएस)। दशहरा उत्सव में शामिल होने के लिए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु रायपुर एयरपोर्ट से जगदलपुर के लिए रवाना हुईं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, गृह मंत्री विजय शर्मा और कृषि मंत्री रामविचार नेताम भी जगदलपुर के लिए रवाना हुए। राष्ट्रपति मुर्मु सिरहासार भवन में मुरिया दरबार में शामिल होंगी।
 

रायपुर, 23 अक्टूबर (आईएएनएस)। दशहरा उत्सव में शामिल होने के लिए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु रायपुर एयरपोर्ट से जगदलपुर के लिए रवाना हुईं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, गृह मंत्री विजय शर्मा और कृषि मंत्री रामविचार नेताम भी जगदलपुर के लिए रवाना हुए। राष्ट्रपति मुर्मु सिरहासार भवन में मुरिया दरबार में शामिल होंगी।

इस दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा, "आज छत्तीसगढ़ के लिए एक ऐतिहासिक दिन है। बस्तर में दुनिया का सबसे लंबा दशहरा उत्सव मनाया जाता है, जो 75 दिनों तक चलता है और इसमें 'मुरिया दरबार' भी शामिल है। शायद पहली बार, भारत की राष्ट्रपति 'मुरिया दरबार' में शामिल हो रही हैं। छत्तीसगढ़ की तीन करोड़ जनता की ओर से, हम उनका हार्दिक स्वागत और अभिनंदन करते हैं। लाला बाग में आयोजित एक सभा को भी राष्ट्रपति संबोधित करेंगी।"

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय कहते हैं, "कांग्रेस पार्टी ने लगातार आदिवासी समुदायों का इस्तेमाल वोट बैंक के रूप में किया, लेकिन आज आदिवासी समुदाय इस पार्टी से दूर हो गए हैं। 'डबल इंजन' सरकार के तहत हम बस्तर क्षेत्र से नक्सलवाद को खत्म करने में सफल रहे हैं। भारत सरकार ने आदिवासियों के विकास के लिए एक अलग 'जनजातीय कार्य मंत्रालय' बनाया है और राज्य में भी आदिवासी समुदायों के विकास को बढ़ावा देने के लिए कई प्राधिकरण गठित किए गए हैं। कांग्रेस को बताना चाहिए कि उन्होंने अपने शासनकाल में जनजातीय समाज के लिए क्या किया है?"

गुरुवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने राजधानी रायपुर के सरदार बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में नुआखाई के अवसर पर आयोजित ‘सेवा सम्मान पर्व एवं युवा प्रबोधन’ कार्यक्रम को संबोधित किया था। इस दौरान उन्‍होंने कहा था कि युवा बड़े सपने देखें, अपने विचारों को व्यापक बनाएं और अपनी सफलता को समाज एवं राष्ट्र की सेवा से जोड़ें।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने नुआखाई की शुभकामनाएं देते हुए कहा था कि नुआखाई मिलन केवल एक सांस्कृतिक समारोह नहीं, बल्कि हमारी समृद्ध परंपराओं, आपसी सद्भाव और सामाजिक एकता का उत्सव है। ऐसे आयोजन हमें अपनी जड़ों से जुड़े रहने, अपनी सांस्कृतिक विरासत पर गर्व करने और भारतीय जीवन मूल्यों को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने का अवसर प्रदान करते हैं।

--आईएएनएस

एसडी/एएस