छत्तीसगढ़: पिकअप वाहन से 4 करोड़ रुपये बरामद, खैर लकड़ी तस्करी करने वालों पर भी हुई कार्रवाई
रायपुर, 26 अक्टूबर (आईएएनएस)। छत्तीसगढ़ के दुर्गपुर और महासमुंद में पुलिस ने अलग-अलग मामलों में कार्रवाई की है। पुलिस ने दुर्गपुर में अवैध रूप से ले जाए जा रहे 4 करोड़ रुपये को पकड़ा है। वहीं, महासमुंद पुलिस ने खैर की लकड़ी की तस्करी करने वाले गिरोह पर कार्रवाई करते हुए 95 लाख रुपये जब्त किए हैं।
दुर्गपुर पुलिस कार्यालय के मुताबिक, पुलिस द्वारा डबरापारा, थाना खुर्सीपार के पास वाहन चेकिंग के दौरान रविवार रात करीब 11:00 बजे पिकअप वाहन को रोककर चेक किया गया। वाहन का पिछला हिस्सा मॉडिफाई कर पूरी तरह बंद किया गया था। वाहन में दो व्यक्ति सवार मिले, जिन्होंने पूछताछ में अपना नाम भवेशभाई जीनाभाई डाभी और विष्णुदेव दुबे बताया।
तलाशी लेने पर वाहन के मॉडिफाई किए गए पिछले हिस्से में एक गुप्त चेंबर बना हुआ मिला। चेंबर को खोलने पर उसमें छिपाकर रखे गए 4 करोड़ रुपये बरामद हुए। दोनों व्यक्तियों से रकम के स्रोत, स्वामित्व और परिवहन के उद्देश्य के संबंध में पूछताछ की जा रही है।
वहीं, खैर लकड़ी के अवैध परिवहन, तस्करी और फर्जी एनओसी और बिलिंग मामले में महासमुंद पुलिस ने ओडिशा, हिमाचल प्रदेश एवं हरियाणा सहित विभिन्न राज्यों में ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए 95 लाख रुपये जब्त किए हैं। खैर लकड़ी के अवैध कारोबार को लेकर जानलेवा हमला करने के मामले (थाना सिंघोड़ा) में फरार मुख्य आरोपी संजय छापरिया को हरिद्वार (उत्तराखंड) से गिरफ्तार किया गया है।
आरोपी संजय छापरिया से पूछताछ के आधार पर बरगढ़ (ओडिशा) स्थित उसके आवास से 45 लाख रुपये और सहयोगी (टैक्स कंसल्टेंट) के घर से 15 लाख रुपये जब्त किए गए। हिमाचल प्रदेश में आरोपियों को अवैध खैर लकड़ी खपाने में सहायता करने वाले एक अन्य ठिकाने पर दबिश देकर 35 लाख रुपये जब्त किए गए।
महासमुंद पुलिस द्वारा अब तक आरोपी मनीष अग्रवाल, संजय छापरिया एवं उनके सहयोगियों के विभिन्न ठिकानों से अवैध खैर लकड़ी के कारोबार से कमाए गए 3,61,52,880 रुपये (तीन करोड़ 61 लाख 52 हजार आठ सौ 80 रुपये) जब्त किए जा चुके हैं।
--आईएएनएस
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