छत्तीसगढ़: बीजापुर में सुरक्षा बलों और माओवादियों के बीच मुठभेड़, दो नक्सली ढेर
बीजापुर, 3 जनवरी (आईएएनएस)। छत्तीसगढ़ के बीजापुर में माओवाद के खिलाफ शनिवार को सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता मिली है। सुरक्षाबलों ने गगनपल्ली-मुरकीपार के जंगल पहाड़ों में एक मुठभेड़ के दौरान दो माओवादियों को मार गिराया है।
जानकारी के अनुसार डीआरजी बीजापुर एवं माओवादियों के बीच सुबह 5 बजे से रुक-रुक कर फायरिंग हुई।
बीजापुर जिले के थाना बासागुड़ा के गगनपल्ली-मुरकीपार के जंगल में 10-15 सशस्त्र माओवादियों की मौजूदगी की जानकारी के आधार पर डीआरजी बीजापुर ने सर्च ऑपरेशन शुरू किया।
बीजापुर के पुलिस अधीक्षक डॉ. जितेंद्र यादव ने बताया कि इस अभियान के दौरान शनिवार सुबह 5 बजे से डीआरजी बीजापुर और माओवादियों के बीच रुक-रुक कर फायरिंग हुई। अब तक सर्च ऑपरेशन के दौरान मुठभेड़ स्थल से 2 माओवादियों के शव, एसएलआर रायफल, 12 बोर देशी कट्टा सहित विस्फोटक सामग्री एवं माओवादी सामग्री मौके से बरामद हुई है।
पुलिस ने मुठभेड़ में मारे गए माओवादियों की पहचान सुकमा निवासी एसीएम हुंगा मड़कम ऊर्फ पंचुगा पिता पोज्जा और बीजापुर निवासी पीपीसीएम आयती मुचाकी ऊर्फ जोगी के तौर पर की है। दोनों ही पांच-पांच लाख के इनामी माओवादी थे।
बता दें कि इस साल के सबसे बड़े 'नक्सल विरोधी' ऑपरेशनों में से एक में सुरक्षा बलों ने छत्तीसगढ़ के दक्षिण बस्तर इलाके के सुकमा और बीजापुर जिलों में दो अलग-अलग मुठभेड़ों में 14 से ज्यादा माओवादियों को मार गिराया।
सुकमा जिले के किस्ताराम इलाके के घने जंगलों में मुख्य मुठभेड़ हुई, जहां सुरक्षाकर्मियों की जॉइंट टीमें इंटेलिजेंस इनपुट के आधार पर एक बड़ा सर्च ऑपरेशन चला रही थीं। माओवादियों ने सुरक्षा बलों पर गोलीबारी की, जिसके बाद दोनों तरफ से कई घंटों तक जबरदस्त गोलीबारी हुई।
सुकमा और बीजापुर पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मुठभेड़ में कई माओवादी मारे गए। शुरुआती रिपोर्ट्स के अनुसार, सुकमा और बीजापुर में मरने वालों की संख्या 14 से ज्यादा है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मारे गए ज्यादातर माओवादी दरभा वैली कमेटी (डीवीसीएम) कैडर के थे, जो एक प्रमुख माओवादी संगठन है। खास बात यह है कि कोंटा के एडिशनल एसपी आकाश गिरपुंजे की हत्या में कथित तौर पर शामिल नक्सली कमांडर भी मारे गए लोगों में शामिल था, जिससे संगठन को बड़ा झटका लगा होगा।
--आईएएनएस
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