छत्तीसगढ़: बीजापुर में महिला एवं बाल विकास योजनाओं की समीक्षा, मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने दिए सख्त निर्देश
बीजापुर, 27 जून (आईएएनएस)। प्रदेश की महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने अपने बीजापुर प्रवास के दौरान महिला एवं बाल विकास विभाग की विस्तृत समीक्षा बैठक लेकर विभागीय योजनाओं के प्रभावी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन पर जोर दिया।
बैठक में उन्होंने स्पष्ट कहा कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम छोर पर बैठे पात्र हितग्राही तक पहुंचाना विभाग की सर्वोच्च जिम्मेदारी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि विशेष रूप से नक्सल प्रभावित रहे और अब विकास की नई दिशा में आगे बढ़ रहे बीजापुर जिले में शासन की महत्वाकांक्षी योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए समन्वित प्रयास किए जाएं।
मंत्री राजवाड़े ने कहा कि विभागीय योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के लिए नियमित मॉनिटरिंग, मैदानी स्तर पर सक्रियता तथा सुनियोजित कार्ययोजना आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि योजनाओं के संचालन में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी और प्रत्येक अधिकारी अपने दायित्व का पूरी जवाबदेही के साथ निर्वहन करें।
बैठक में कुपोषण मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान की विस्तार से समीक्षा की गई। मंत्री ने इसे विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए कहा कि कुपोषण के खिलाफ केवल सरकारी प्रयास ही पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि जनभागीदारी भी उतनी ही आवश्यक है। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक घर और प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र में मुनगा (सहजन) का पौधा अनिवार्य रूप से लगाया जाए। उन्होंने कहा कि मुनगा पोषक तत्वों से भरपूर होता है और इसके नियमित सेवन से बच्चों, गर्भवती महिलाओं तथा किशोरियों के स्वास्थ्य में उल्लेखनीय सुधार संभव है। इसके साथ ही, उन्होंने सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों को प्रतिदिन एक केला वितरित करने के निर्देश दिए ताकि बच्चों के पोषण स्तर और वजन में वृद्धि सुनिश्चित की जा सके।
महिला एवं बाल विकास मंत्री ने बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति को समाप्त करने के लिए व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि बीजापुर को बाल विवाह मुक्त जिला बनाने के लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सुपरवाइजरों, पंचायत प्रतिनिधियों, जनप्रतिनिधियों और स्थानीय समुदाय की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने सुपरवाइजरों को नियमित रूप से अधिक से अधिक आंगनबाड़ी केंद्रों का निरीक्षण करने, व्यवस्थाओं का मूल्यांकन करने तथा कमियों का तत्काल निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में महतारी वंदन योजना की भी विस्तृत समीक्षा की गई। मंत्री राजवाड़े ने जानकारी दी कि योजना का पोर्टल शीघ्र ही पुनः प्रारंभ होने वाला है। इसे ध्यान में रखते हुए उन्होंने अधिकारियों को सभी आवश्यक तैयारियां समय रहते पूरी करने तथा पात्र महिलाओं का पंजीयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कोई भी पात्र महिला योजना के लाभ से वंचित नहीं रहनी चाहिए और पंजीयन प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता एवं सरलता के साथ संपन्न हो।
उन्होंने नोनी सुरक्षा योजना, प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना, सक्षम योजना सहित विभाग की अन्य सभी प्रमुख योजनाओं की भी समीक्षा की। सक्षम योजना के तहत पात्र महिलाओं को स्वरोजगार एवं आर्थिक सशक्तिकरण के लिए ऋण उपलब्ध कराने तथा उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए विशेष प्रयास करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विभाग का उद्देश्य केवल योजनाओं का संचालन करना नहीं, बल्कि महिलाओं को आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त बनाना भी है।
मंत्री ने चाइल्ड हेल्पलाइन के व्यापक प्रचार-प्रसार पर भी विशेष बल दिया। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि बच्चों से संबंधित किसी भी संकट की स्थिति में अधिक से अधिक लोगों को हेल्पलाइन की जानकारी होनी चाहिए। इसके लिए ग्राम स्तर तक जागरूकता अभियान चलाया जाए, ताकि जरूरत पड़ने पर बच्चे और उनके परिजन तत्काल सहायता प्राप्त कर सकें।
बैठक के दौरान विभाग में रिक्त पदों की भी समीक्षा की गई। मंत्री ने अधिकारियों को आवश्यक प्रशासनिक प्रक्रिया शीघ्र पूरी कर रिक्त पदों पर नियुक्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पर्याप्त मानव संसाधन उपलब्ध होने से विभागीय योजनाओं का संचालन अधिक प्रभावी एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से किया जा सकेगा।
बाल कल्याण समिति के लंबित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए मंत्री ने सभी मामलों का संवेदनशीलता एवं त्वरित गति से निराकरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बच्चों से जुड़े मामलों में अनावश्यक विलंब नहीं होना चाहिए और प्रत्येक प्रकरण का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए।
बैठक के समापन पर लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि महिला एवं बाल विकास विभाग की योजनाओं का उद्देश्य केवल लाभ वितरण तक सीमित नहीं है, बल्कि महिलाओं, बच्चों और किशोरियों के जीवन स्तर में वास्तविक सुधार लाना है। उन्होंने सभी अधिकारियों और मैदानी अमले से समर्पण, जवाबदेही और जनसेवा की भावना के साथ कार्य करने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि शासन की प्रत्येक योजना का लाभ समय पर, पारदर्शी तरीके से और बिना किसी भेदभाव के पात्र हितग्राहियों तक पहुंचे, यही विभाग की सबसे बड़ी सफलता होगी।
--आईएएनएस
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