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छत्तीसगढ़: भोपालपटनम पुलिस ने 171 गौवंश मुक्त कराए, 9 तस्कर गिरफ्तार

भोपालपटनम, 9 मार्च (आईएएनएस)। छत्तीसगढ़ के बीजापुर स्थित थाना भोपालपटनम पुलिस ने पशु तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने छत्तीसगढ़-तेलंगाना सीमा के निकट उल्लूर घाटी-चिल्लामरका जंगल के पहाड़ी रास्ते से मवेशियों को हांककर ले जा रहे तस्करों को पकड़ा। इस कार्रवाई में कुल 171 पशु (गाय, बैल और बछड़े) तस्करों के कब्जे से मुक्त कराए गए।
 
छत्तीसगढ़: भोपालपटनम पुलिस ने 171 गौवंश मुक्त कराए, 9 तस्कर गिरफ्तार

भोपालपटनम, 9 मार्च (आईएएनएस)। छत्तीसगढ़ के बीजापुर स्थित थाना भोपालपटनम पुलिस ने पशु तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने छत्तीसगढ़-तेलंगाना सीमा के निकट उल्लूर घाटी-चिल्लामरका जंगल के पहाड़ी रास्ते से मवेशियों को हांककर ले जा रहे तस्करों को पकड़ा। इस कार्रवाई में कुल 171 पशु (गाय, बैल और बछड़े) तस्करों के कब्जे से मुक्त कराए गए।

सूचना मिलने पर थाना भोपालपटनम की टीम ने तुरंत मौके पर पहुंचकर तस्करों को घेर लिया। पूछताछ में आरोपियों ने अपना नाम-पता बताया, लेकिन उनके पास पशुओं के स्वामित्व या परिवहन से जुड़े कोई वैध दस्तावेज नहीं थे। मौके पर गवाहों की मौजूदगी में 171 मवेशियों को बरामद किया गया। ये पशु तेलंगाना राज्य की ओर ले जाए जा रहे थे।

पकड़े गए नौ आरोपियों में तीन तेलंगाना, पांच महाराष्ट्र और एक बीजापुर (छत्तीसगढ़) के निवासी हैं। आरोपियों के नाम इस प्रकार हैं: थिपनपल्ली संजीव (48 वर्ष, करीमनगर, तेलंगाना), हटकर राजू (52 वर्ष, करीमनगर, तेलंगाना), कटकुरी मजनू (23 वर्ष, मुलगु, तेलंगाना), विनोद नारायण झाड़े (35 वर्ष, गढ़चिरोली, महाराष्ट्र), व्येक्टी गोडया दुर्गे (62 वर्ष, गढ़चिरोली, महाराष्ट्र), व्येकंटी राजीग्या दुर्गे (47 वर्ष, गढ़चिरोली, महाराष्ट्र), प्रवीण शंकर दुर्गे (19 वर्ष, गढ़चिरोली, महाराष्ट्र), अक्षय अजमेरा (24 वर्ष, गढ़चिरोली, महाराष्ट्र), और अशोक गुगलेम (30 वर्ष, बीजापुर, छत्तीसगढ़)।

मुकदमा छत्तीसगढ़ कृषिक पशु परिरक्षण (संशोधन) अधिनियम 2011 और पशु क्रूरता निवारण अधिनियम 1960 की संबंधित धाराओं के तहत दर्ज किया गया है। सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश कर रिमांड पर लिया गया है। मुक्त कराए गए 171 मवेशियों को सुरक्षित रखने के लिए नगर पंचायत भोपालपटनम के गौठान में स्थानांतरित किया गया है, जहां उनकी देखभाल की जा रही है।

पुलिस ने बताया कि सीमावर्ती और ग्रामीण इलाकों में सक्रिय ऐसे तस्करी नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। इस तरह की अवैध गतिविधियों पर पूरी तरह रोक लगाने के लिए मुखबिरों से सूचना और गश्त बढ़ाई जा रही है।

इस सफल अभियान से स्थानीय किसानों और पशुपालकों में राहत की भावना है, क्योंकि कृषि पशु उनकी आजीविका का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। पुलिस का कहना है कि पशु क्रूरता और अवैध तस्करी के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है।

--आईएएनएस

एमएस/