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छत्तीसगढ़: 147 करोड़ के राइस मिलिंग घोटाले में ईडी की कार्रवाई, राम गोपाल अग्रवाल गिरफ्तार

रायपुर, 12 अक्टूबर (आईएएनएस)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के रायपुर जोनल ऑफिस ने मनी लॉन्ड्रिंग के एक मामले में कार्रवाई करते हुए राम गोपाल अग्रवाल को गिरफ्तार किया है। ईडी ने राम गोपाल अग्रवाल को मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए), 2002 की धारा 19 के तहत गिरफ्तार किया है।
 

रायपुर, 12 अक्टूबर (आईएएनएस)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के रायपुर जोनल ऑफिस ने मनी लॉन्ड्रिंग के एक मामले में कार्रवाई करते हुए राम गोपाल अग्रवाल को गिरफ्तार किया है। ईडी ने राम गोपाल अग्रवाल को मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए), 2002 की धारा 19 के तहत गिरफ्तार किया है।

इस कार्रवाई के बारे में जानकारी देते हुए, ईडी ने सोमवार को एक आधिकारिक बयान में बताया कि यह गिरफ्तारी छत्तीसगढ़ कस्टम राइस मिलिंग घोटाले के सिलसिले में की गई है, जिसमें राइस मिलर्स से लगभग 147 करोड़ रुपए की अवैध वसूली की गई थी। रायपुर की स्पेशल कोर्ट (पीएमएलए) ने राम गोपाल अग्रवाल को पांच दिन की ईडी कस्टडी में भेज दिया है।

ईडी की जांच, इनकम टैक्स डिपार्टमेंट द्वारा आईपीसी, 1860 की विभिन्न धाराओं के तहत दायर अभियोजन शिकायत के आधार पर शुरू की गई थी। इसके बाद, एसीबी/ईओडब्ल्यू, रायपुर ने भी आईपीसी, 1860 और भ्रष्टाचार रोकथाम अधिनियम, 1988 की विभिन्न धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की थी।

ईडी की जांच से पता चला है कि खरीफ सीजन 2021-22 के लिए कस्टम राइस मिलिंग का स्पेशल इंसेंटिव 40 रुपए प्रति क्विंटल से बढ़ाकर 120 रुपए प्रति क्विंटल कर दिया गया था।

इसके बाद, छत्तीसगढ़ राज्य राइस मिलर्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों और मार्कफेड के अधिकारियों के एक सिंडिकेट ने राइस मिलर्स से उनके इंसेंटिव पेमेंट जारी करने के बदले 20 रुपए प्रति क्विंटल की दर से अवैध रूप से नकद वसूली की। जिन राइस मिलर्स ने अवैध रकम देने से इनकार किया, उनके बिल जानबूझकर रोक दिए गए।

इस तरह, दिसंबर 2022 से जुलाई 2023 के दौरान लगभग 147 करोड़ रुपए अवैध रूप से वसूले गए, जो पीएमएलए, 2002 के तहत अपराध से प्राप्त आय है।

आगे की जांच से पता चला है कि राम गोपाल अग्रवाल ने राइस मिलर्स से नकद की अवैध वसूली को व्यवस्थित करने, उसकी निगरानी करने और उसे नियंत्रित करने में अहम भूमिका निभाई थी। उन्होंने राइस मिलर्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों के माध्यम से अवैध भुगतान की वसूली के निर्देश दिए थे। अलग-अलग जिलों से इकट्ठा किया गया कैश एसोसिएशन के तत्कालीन कोषाध्यक्ष रोशन चंद्राकर को बताया जाता था, जो वेरिफिकेशन के लिए राम गोपाल अग्रवाल को नियमित रूप से जिले-वार कलेक्शन की जानकारी देते थे। इसके बाद, गैर-कानूनी तरीके से इकट्ठा किया गया कैश उनके द्वारा बताए गए लोगों को सौंप दिया जाता था।

वहीं, ईडी की ओर से इस मामले से संबंधित आगे की जांच और कार्रवाई जारी है।

--आईएएनएस

डीके/एबीएम