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चेतन चौहान: बिना शतक 2 हजार रन पूरे वाले पहले बल्लेबाज, गावस्कर संग हुए विवाद का रहे थे हिस्सा

नई दिल्ली, 20 जुलाई (आईएएनएस)। पूर्व बल्लेबाज चेतन चौहान की गिनती भारत के सबसे जुझारू बल्लेबाजों में की जाती है। वह इंटरनेशनल क्रिकेट में बिना शतक लगाए 2 हजार रन पूरे करने वाले दुनिया के पहले बल्लेबाज रहे। उन्होंने अपने करियर में भारतीय टीम के लिए कई अहम पारियां खेलीं।
 

नई दिल्ली, 20 जुलाई (आईएएनएस)। पूर्व बल्लेबाज चेतन चौहान की गिनती भारत के सबसे जुझारू बल्लेबाजों में की जाती है। वह इंटरनेशनल क्रिकेट में बिना शतक लगाए 2 हजार रन पूरे करने वाले दुनिया के पहले बल्लेबाज रहे। उन्होंने अपने करियर में भारतीय टीम के लिए कई अहम पारियां खेलीं।

चेतन चौहान का जन्म 21 जुलाई, 1947 को उत्तर प्रदेश के बरेली में हुआ। चेतन का शुरुआत से ही क्रिकेट से खास लगाव था और धीरे-धीरे यह लगाव करियर में तब्दील हो गया। चेतन ने घरेलू क्रिकेट में अपना डेब्यू 1967 में किया। उन्होंने 179 फर्स्ट क्लास मैचों में 40 की औसत से खेलते हुए 11,143 रन बनाए। इस दौरान उन्होंने 21 शतक और 59 अर्धशतक लगाए। घरेलू क्रिकेट में लगातार दमदार प्रदर्शन के बूते साल 1978 में उनकी एंट्री भारतीय टीम में हुई।

चेतन ने इंटरनेशनल स्तर पर भी अपनी बल्लेबाजी से खूब सुर्खियों बटोरीं। उन्होंने भारत के लिए 40 टेस्ट और 7 वनडे मैच खेले। इस दौरान उन्होंने टेस्ट में 2084 रन बनाए, जबकि एकदिवसीय क्रिकेट में उनके बल्ले से 153 रन आए। हालांकि, चेतन इंटरनेशनल क्रिकेट में कभी शतक नहीं लगा सके। वह अपने करियर के दौरान कई बार 80 से 97 के स्कोर के बीच 9 बार आउट हुए। हालांकि, वह टेस्ट क्रिकेट में बिना शतक के 2 हजार रन बनाने वाले दुनिया के पहले बल्लेबाज रहे। उनका यह रिकॉर्ड कई वर्षों तक कायम रहा।

साल 1981 में भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच मेलबर्न के मैदान पर हुए टेस्ट मैच में चेतन चौहान सुनील गावस्कर संग मैदान पर हुए विवाद का हिस्सा रहे। दरअसल, डेनिस लिली की एक गेंद गावस्कर के पैड पर आकर लगी थी, जिसके बाद अंपायर ने गावस्कर को एलबीडब्ल्यू की अपील पर आउट करार दे दिया था। हालांकि, गावस्कर अंपायर के फैसले से नाखुश नजर आए थे और वह मैदान छोड़कर जाने को तैयार नहीं थे। काफी देर तक हुई बातचीत बहस में तब्दील हो गई थी। इसके बाद कप्तान गावस्कर अपने सलामी जोड़ीदार चेतन चौहान का हाथ पकड़कर मैदान से बाहर जाने लगा थे। वह मैच का बहिष्कार करना चाहते थे।

हालांकि, चेतन ने सूझबूझ दिखाते हुए गावस्कर को पहले समझाने का प्रयास किया था और इसके बाद उन्होंने टीम इंडिया के ग्रुप कैप्टन रहे शाहिद अली खां दुर्रानी को मैदान की तरफ आने का इशारा किया था। दुर्रानी के समझने के बाद गावस्कर शांत हुए थे और मामला खत्म हो सका था। कहा जाता है कि चेतन गावस्कर को न रोकते, तो उन पर इस हरकत के लिए पांच साल तक का बैन लग सकता था। चेतन चौहान का 16 अगस्त, 2020 को 73 साल की उम्र में निधन हुआ। बड़े से बड़े गेंदबाजों का सामना करने वाले चेतन कोरोना से जिंदगी की लड़ाई हार गए थे।

--आईएएनएस

एसएम/एएस