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चीन और रूस ने चौथा संयुक्त आर्कटिक वैज्ञानिक अभियान शुरू किया

बीजिंग, 21 अगस्त (आईएएनएस)। चीन और रूस के बीच चौथा संयुक्त आर्कटिक वैज्ञानिक अभियान 20 अगस्त को रूस के सुदूर पूर्व में स्थित व्लादिवोस्तोक शहर से शुरू हुआ।
 

बीजिंग, 21 अगस्त (आईएएनएस)। चीन और रूस के बीच चौथा संयुक्त आर्कटिक वैज्ञानिक अभियान 20 अगस्त को रूस के सुदूर पूर्व में स्थित व्लादिवोस्तोक शहर से शुरू हुआ।

दोनों देशों के शोधकर्ता आर्कटिक क्षेत्र में हो रहे तेज जलवायु परिवर्तन पर महत्वपूर्ण और मौलिक वैज्ञानिक शोध करेंगे। इस दौरान उत्तर-पश्चिमी प्रशांत महासागर और आर्कटिक महासागर पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

शुभारंभ समारोह में रूसी विज्ञान अकादमी की सुदूर पूर्वी शाखा के प्रशांत समुद्र विज्ञान संस्थान के कार्यवाहक निदेशक यूरी पावलोविच वासिलेंको ने कहा कि यह संयुक्त वैज्ञानिक अभियान रूस और चीन के बीच संबंधों को मजबूत करने के साथ ही आर्कटिक और प्रशांत क्षेत्रों में दोनों देशों के सहयोग को बढ़ावा देने में मदद करेगा।

उन्होंने कहा कि वर्तमान में आर्कटिक समुद्री मार्ग से माल ढुलाई लगातार बढ़ रही है और वैश्विक अर्थव्यवस्था में इसका महत्व भी बढ़ता जा रहा है। ऐसे में संबंधित समुद्री क्षेत्रों में व्यापक वैज्ञानिक अनुसंधान की जरूरत और बढ़ गई है।

वहीं, चीन के प्राकृतिक संसाधन मंत्रालय के प्रथम समुद्र विज्ञान संस्थान के निदेशक वेई त्सेश्युन ने कहा कि यह संयुक्त वैज्ञानिक अभियान उत्तर पश्चिमी प्रशांत और आर्कटिक महासागरों पर केंद्रित है। इससे अध्ययन वाले समुद्री क्षेत्रों में समुद्री गतिशील प्रक्रियाओं, जलवायु परिवर्तन के पैटर्न और समुद्री पारिस्थितिक तंत्रों की वैज्ञानिक समझ और गहरी होगी।

उन्होंने कहा कि यह अभियान समुद्री क्षेत्र में चीन और रूस के बीच सहयोग को आगे बढ़ाने की दिशा में एक ठोस कदम है। साथ ही, यह नए युग में समुद्री विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में दोनों देशों के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी का एक उदाहरण भी है।

बताया गया है कि यह वैज्ञानिक अभियान करीब 62 दिनों तक चलेगा। इस दौरान शोधकर्ता चुक्ची सागर, पूर्वी साइबेरियाई सागर, लोमोनोसोव रिज, मकारोव बेसिन और अमुंडसेन बेसिन सहित कई समुद्री क्षेत्रों का दौरा करेंगे और बहु-विषयक व्यापक सर्वेक्षण करेंगे। इसका उद्देश्य तेज जलवायु परिवर्तन की पृष्ठभूमि में इन समुद्री क्षेत्रों के बदलते पर्यावरण का व्यवस्थित अध्ययन करना और वैश्विक जलवायु परिवर्तन के प्रति उनकी प्रतिक्रिया प्रक्रियाओं और तंत्रों को समझना है।

जानकारी के अनुसार, यह संयुक्त वैज्ञानिक अभियान चीन के प्राकृतिक संसाधन मंत्रालय के प्रथम समुद्र विज्ञान संस्थान, शानतोंग विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय और रूसी विज्ञान अकादमी की सुदूर पूर्वी शाखा के प्रशांत समुद्र विज्ञान संस्थान द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित और संचालित किया गया है। इस अभियान में कुल 9 चीनी कर्मियों ने भाग लिया।

(साभार- चाइना मीडिय ग्रुप, पेइचिंग)

--आईएएनएस

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