छात्रों से बातचीत के लिए सरकार तैयार, 24 घंटे खुले हैं दरवाजे: डॉ. जितेंद्र सिंह
नई दिल्ली, 23 जुलाई (आईएएनएस)। छात्रों के विरोध-प्रदर्शन और नीट से जुड़े विवाद के बीच केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने आंदोलनरत छात्रों से बातचीत की अपील की। उन्होंने कहा कि सरकार हर मुद्दे पर चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार है। छात्रों की चिंताओं का समाधान केवल संवाद के माध्यम से ही संभव है और सरकार ने बातचीत के लिए अपने दरवाजे 24 घंटे खुले रखे हैं।
जितेंद्र सिंह ने आईएएनएस से बातचीत में कहा कि वह सभी छात्र-छात्राओं और युवा साथियों से विनम्र अपील करना चाहते हैं कि वे आगे आएं और सरकार के साथ चर्चा करें। सरकार किसी भी विषय पर विस्तार से बातचीत करने को तैयार है। यह बातचीत केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता जेपी नड्डा की अगुवाई में होगी, जिसमें वह स्वयं भी मौजूद रहेंगे। बातचीत जेपी नड्डा के सरकारी आवास या उनके कार्यालय में की जा सकती है। नीट से जुड़े मुद्दों सहित आंदोलन से संबंधित सभी विषयों पर जितनी देर छात्र चर्चा करना चाहें, सरकार उतना समय देने के लिए तैयार है।
उन्होंने कहा कि पिछले 24 घंटों के दौरान कम से कम चार बार सरकार की ओर से आंदोलन कर रहे छात्रों को बातचीत का प्रस्ताव दिया गया है। सरकार और छात्र दोनों यह समझते हैं कि संवाद के बिना किसी भी समस्या का समाधान संभव नहीं है और समाधान के बिना आगे का रास्ता तय नहीं किया जा सकता।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उल्लेख करते हुए जितेंद्र सिंह ने कहा कि पीएम मोदी छात्रों के हितों को लेकर बेहद संवेदनशील हैं। उन्होंने अपने हालिया बयान में स्पष्ट किया है कि सरकार छात्रों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है। इसी सोच के तहत पेपर लीक जैसे मामलों में त्वरित न्याय सुनिश्चित करने के लिए फास्ट ट्रैक अदालतों की स्थापना की घोषणा की गई है, ताकि दोषियों के खिलाफ तेजी से मुकदमा चल सके और जल्द निर्णायक फैसला हो। सरकार लगातार इस पूरे मामले में कानूनों और नियमों को और अधिक प्रभावी बनाने और आवश्यक सुधार करने की दिशा में काम कर रही है। परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी और विश्वसनीय बनाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है।
जितेंद्र सिंह ने एक बार फिर आंदोलनरत छात्रों से शांतिपूर्ण तरीके से बातचीत का रास्ता अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि सरकार छात्रों के जवाब का इंतजार कर रही है और उनकी हर चिंता को गंभीरता से सुनने तथा समाधान निकालने के लिए पूरी तरह तैयार है।
--आईएएनएस
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