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छात्रों के प्रदर्शन पर कंगना की टिप्पणी गलत, शिक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल: सुभाषिश खुंटिया

नई दिल्ली, 28 जुलाई (आईएएनएस)। बीजू जनता दल (बीजेडी) के सांसद सुभाषिश खुंटिया ने जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन, प्रदर्शनकारियों को लेकर अभिनेत्री एवं भाजपा सांसद कंगना रनौत की टिप्पणी, दिल्ली पुलिस की जांच और एनडीए की संसदीय बैठक में एनसीपीआई को आमंत्रित किए जाने जैसे मुद्दों पर केंद्र सरकार और भाजपा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि छात्रों का आंदोलन उनके भविष्य और शिक्षा व्यवस्था से जुड़ा था; ऐसे में उस पर की गई टिप्पणियां उचित नहीं हैं।
 

नई दिल्ली, 28 जुलाई (आईएएनएस)। बीजू जनता दल (बीजेडी) के सांसद सुभाषिश खुंटिया ने जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन, प्रदर्शनकारियों को लेकर अभिनेत्री एवं भाजपा सांसद कंगना रनौत की टिप्पणी, दिल्ली पुलिस की जांच और एनडीए की संसदीय बैठक में एनसीपीआई को आमंत्रित किए जाने जैसे मुद्दों पर केंद्र सरकार और भाजपा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि छात्रों का आंदोलन उनके भविष्य और शिक्षा व्यवस्था से जुड़ा था; ऐसे में उस पर की गई टिप्पणियां उचित नहीं हैं।

कंगना रनौत की ओर से प्रदर्शनकारियों की हिंसा से जुड़े विवाद पर की गई टिप्पणी के सवाल पर खुंटिया ने कहा कि जो जैसे हैं, वो उसी तरह से टिप्पणी देंगे। व्यक्तिगत टिप्पणी करने के बजाय यह समझना जरूरी है कि छात्र आखिर सड़कों पर क्यों उतरे। छात्र-छात्राएं अपने भविष्य और नीट परीक्षा से जुड़े मुद्दों को लेकर दिल्ली पहुंचे थे। भाजपा सरकार का हिस्सा होने के नाते कंगना रनौत को पहले शिक्षा मंत्री से बातचीत कर छात्रों की समस्याओं का समाधान निकालने का प्रयास करना चाहिए था। जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने वाले युवाओं के बारे में टिप्पणी करना शोभा नहीं देता। किसी भी जनप्रतिनिधि को बयान देने से पहले यह समझना चाहिए कि प्रदर्शन के पीछे छात्रों की चिंता और उनका भविष्य जुड़ा हुआ है।

बीजेडी सांसद ने कहा कि यह कोई फिल्म नहीं है कि जो कहा जाए, उसे बिना सोचे-समझे स्वीकार कर लिया जाए। सबसे बड़ा सवाल यह है कि छात्र आखिर प्रदर्शन करने क्यों आए थे। देश की शिक्षा व्यवस्था पर युवाओं का भरोसा लगातार कमजोर हो रहा है और इसी कारण बड़ी संख्या में छात्र अपनी मांगों को लेकर जंतर-मंतर पहुंचे। सरकार को शिक्षा व्यवस्था में सुधार पर ध्यान देना चाहिए, न कि ऐसे बयान देकर छात्रों के बीच लोकप्रिय बनने की कोशिश करनी चाहिए।

जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस द्वारा 980 लोगों की जांच किए जाने के सवाल पर खुंटिया ने कहा कि जांच करना पुलिस का काम है और वही बता सकती है कि उसने किस आधार पर कार्रवाई की है। दिल्ली देश की राजधानी है, जहां देशभर से लोग आते-जाते रहते हैं। ऐसे में पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट कर सकती है कि जिन लोगों की जांच की गई, वे वास्तव में प्रदर्शन में शामिल थे या नहीं। पुलिस अपनी जांच पूरी करने के बाद ही तथ्यों को सामने रखेगी और उसी के आधार पर स्थिति स्पष्ट होगी। इसलिए इस मामले में जांच एजेंसियों को अपना काम करने देना चाहिए।

वहीं, एनडीए की साप्ताहिक संसदीय दल की बैठक में पहली बार एनसीपीआई को आमंत्रित किए जाने पर भी खुंटिया ने भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा अब बीजू जनता दल से राजनीतिक रूप से घबराई हुई है। जो दल युवाओं और जनहित के मुद्दों पर सरकार का विरोध कर रहे हैं, उन्हें कमजोर करने की कोशिश की जा रही है। भाजपा विभिन्न राजनीतिक दलों के सांसदों को अपने साथ जोड़ने के लिए दबाव, प्रलोभन और राजनीतिक रणनीतियों का इस्तेमाल कर रही है। उनकी पार्टी के कुछ सांसदों को भी इसी तरह भाजपा अपने साथ ले गई है।

खुंटिया ने आगे कहा कि लोकतंत्र और संविधान में सरकारें आती-जाती रहती हैं, लेकिन जिस तरह की राजनीति वर्तमान में की जा रही है, वह स्वस्थ लोकतांत्रिक परंपराओं के अनुरूप नहीं है। उचित समय आने पर जनता अपना फैसला सुनाएगी और अगले चुनाव में भाजपा को इसका जवाब मिलेगा। फिलहाल सरकार के पास पांच वर्षों का जनादेश है, लेकिन अंतिम फैसला जनता ही करती है और वही लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत है।

--आईएएनएस

पीएसके