चंद्रनाथ रथ हत्याकांड : राज सिंह ने जेल से छूटने के बाद कहा, 'सीबीआई जांच से साबित हुई बेगुनाही'
बलिया, 21 मई (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के पीए चंद्रनाथ रथ हत्याकांड में गलत पहचान के चलते गिरफ्तार किए गए राज सिंह ने जेल से रिहा होने के बाद कई चौंकाने वाले दावे किए हैं।
राज सिंह ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा, "उन्हें लगातार डराया और हत्या करने का आरोप अपने ऊपर लेने के लिए दबाव बनाया जा रहा था।" उन्होंने दावा किया कि अगर समय पर सीबीआई जांच नहीं होती तो उनका एनकाउंटर तक हो सकता था।
उन्होंने कहा, "मुझे इस मामले में झूठे आरोप में गिरफ्तार किया गया था। इस मामले में मेरा कोई हाथ नहीं था। मुझे अयोध्या में एसओजी पुलिस ने गलत तरीके से गिरफ्तार किया और वहां मुझे मानसिक रूप से परेशान किया गया। वे मुझ पर एक अपराध कबूल करने का दबाव डाल रहे थे।"
उन्होंने सीबीआई का धन्यवाद करते हुए कहा कि उनके परिवार ने सीसीटीवी फुटेज और सबूत सीबीआई को दिए थे, जिसकी वजह से उनकी बेगुनाही साबित हो सकी। उन्होंने यह भी बताया कि एक कपड़ों की दुकान से खरीदा गया कुर्ता भी उनके लिए अहम सबूत बना। पश्चिम बंगाल में मुझसे पूछताछ की गई, मैंने सारे सबूत दिए थे।
राज सिंह ने कहा कि प्रशासन और एसओजी की लापरवाही से मुझे गिरफ्तार किया गया था, जबकि मैं उस मामले में शामिल भी नहीं था। मेरी जांच किए बिना मुझे अपराधी बना दिया गया था, जो देश के लिए सही नहीं है। मुझे फंसाया जा रहा था, लेकिन सही समय पर बच गए हैं। मेरा नाम चर्चित था, इसीलिए भी इन लोगों ने मुझे गिरफ्तार कर लिया था। मेरी छवि को भी धूमिल किया गया है, मेरा कोई अपराध में नाम नहीं है, फिर भी गिरफ्तार किया गया था।
बता दें कि सुवेंदु अधिकारी के पीए की हत्या के मामले में उत्तर प्रदेश और बिहार से तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया। इस मामले की जांच चल रही है।
--आईएएनएस
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