चंडीगढ़ में लगातार बढ़ रही आपराधिक घटनाएं, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल: सचिन गलांव
चंडीगढ़, 14 जून (आईएएनएस)। चंडीगढ़ के सेक्टर-11 स्थित एक केमिस्ट शॉप पर हुई फायरिंग की सनसनीखेज घटना के बाद शहर में कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। वार्ड नंबर 13 के पार्षद सचिन गलांव ने इस घटना को लेकर प्रशासन और पुलिस व्यवस्था पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह कोई पहली घटना नहीं है, बल्कि शहर में लगातार हो रही आपराधिक वारदातों का हिस्सा है, जो चिंता का विषय है।
उन्होंने कहा कि जिस तरह से दिनदहाड़े एक व्यस्त बाजार में गोलीबारी की गई और एक निर्दोष व्यक्ति की जान चली गई, उसने पूरे शहर को झकझोर दिया है। पार्षद के अनुसार पहले यह जानकारी सामने आई थी कि व्यक्ति घायल हुआ है, लेकिन बाद में यह स्पष्ट हुआ कि उसकी मौके पर ही मौत हो गई थी। उन्होंने कहा कि जिस तरह करीब से 13 गोलियां चलाई गईं, उससे यह साफ है कि हमलावर पूरी तैयारी के साथ आए थे और वारदात को अंजाम देकर फरार हो गए।
सचिन गलांव ने बताया कि मृतक हिमाचल प्रदेश का रहने वाला था और चंडीगढ़ में रोजगार के लिए आया हुआ था। वह अपने परिवार का भरण-पोषण करने के उद्देश्य से यहां काम कर रहा था, लेकिन इस तरह की हिंसक घटना ने उसकी जान ले ली। उन्होंने कहा कि यह पूरी तरह से दुर्भाग्यपूर्ण है कि एक मेहनतकश व्यक्ति, जिसकी किसी से कोई दुश्मनी या पूर्व में कोई धमकी का मामला नहीं था, उसे इस तरह निशाना बनाया गया।
उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि प्रारंभिक जांच में भी यह सामने नहीं आया है कि मृतक या दुकान के मालिक को किसी तरह की धमकी मिली हो। ऐसे में यह मामला और भी गंभीर हो जाता है क्योंकि यह स्पष्ट रूप से एक सुनियोजित हमला प्रतीत होता है। उन्होंने कहा कि पुलिस और प्रशासन को इस मामले की गहराई से जांच करनी चाहिए ताकि सच्चाई सामने आ सके और दोषियों को सजा मिल सके।
पार्षद ने शहर की मौजूदा सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ को आमतौर पर एक सुरक्षित और सुव्यवस्थित शहर माना जाता है, लेकिन हाल के समय में लगातार हो रही वारदातें इस धारणा को तोड़ रही हैं। उन्होंने पिछले कुछ महीनों की घटनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि सेक्टर-9 में हत्या, सेक्टर-37 स्थित दफ्तर पर ग्रेनेड हमला और अन्य कई आपराधिक घटनाएं यह दर्शाती हैं कि अपराधियों के हौसले बढ़ते जा रहे हैं।
सचिन गलांव ने कहा कि उनके वार्ड के कई लोग घटना के बाद उनसे मिलने आए और उन्होंने बताया कि वे खुद को सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि यदि भीड़भाड़ वाले इलाके में इस तरह की वारदात हो सकती है, तो आम नागरिक कैसे सुरक्षित रह सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि केवल कुछ पुलिसकर्मियों की तैनाती से सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की जा सकती, बल्कि व्यापक स्तर पर रणनीति बदलने की आवश्यकता है।
उन्होंने सवाल उठाया कि जिस स्थान पर यह घटना हुई, वहां से कुछ ही दूरी पर पुलिस बूथ, थाना और अन्य सुरक्षा संस्थान मौजूद हैं, फिर भी अपराधी आसानी से वारदात को अंजाम देकर फरार हो गए। यह सुरक्षा व्यवस्था की बड़ी चूक को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि शहर में सीसीटीवी कैमरे, ट्रैफिक लाइट्स और निगरानी प्रणाली मौजूद होने के बावजूद अपराधियों का पकड़ में न आना गंभीर चिंता का विषय है।
पार्षद ने कहा कि यदि इतनी कड़ी सुरक्षा व्यवस्था वाले शहर में भी अपराधी बेखौफ होकर वारदात कर सकते हैं और आसानी से फरार हो जाते हैं, तो यह व्यवस्था की विफलता है। उन्होंने कहा कि प्रशासन को इस बात की समीक्षा करनी चाहिए कि आखिर खामी कहां रह गई।
उन्होंने यह भी कहा कि अक्सर ऐसी घटनाओं के बाद पुलिस कार्रवाई में तेजी दिखाई जाती है, और कुछ समय बाद मुठभेड़ या गिरफ्तारी की खबरें आती हैं, लेकिन मूल समस्या जस की तस बनी रहती है। उन्होंने कहा कि केवल तात्कालिक कार्रवाई से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि स्थायी और सख्त रणनीति की जरूरत है।
--आईएएनएस
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