'चक दे! इंडिया' के 19 साल पूरे, सागरिका घाटगे ने खास पोस्ट के साथ फिल्म को किया याद
मुंबई, 10 अगस्त (आईएएनएस)। हिंदी सिनेमा में कुछ फिल्में ऐसी होती हैं, जो रिलीज के कई साल बाद भी दर्शकों के दिल में अपनी जगह बनाए रखती हैं। इन फिल्मों में शामिल है शाहरुख खान की फिल्म 'चक दे! इंडिया' भी। महिला हॉकी टीम के संघर्ष और जीत की कहानी दिखाने वाली इस फिल्म ने दर्शकों को खेल के साथ-साथ टीम भावना, मेहनत और अपने लक्ष्य के लिए लड़ने का संदेश दिया। अब इस फिल्म को हिंदी सिनेमा में रिलीज हुए 19 साल पूरे हो गए हैं।
सोमवार को 'चक दे! इंडिया' ने अपनी रिलीज के 19 साल पूरे किए। इस खास मौके पर फिल्म में प्रीति सबरवाल का किरदार निभाने वाली अभिनेत्री सागरिका घाटगे ने फिल्म को याद किया। सागरिका ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर फिल्म का एक पोस्टर शेयर किया, जिसमें शाहरुख खान के साथ फिल्म के दूसरे कलाकार भी नजर आ रहे हैं। पोस्टर पर लिखा, 'चक दे! इंडिया के 19 साल पूरे होने का जश्न।'
इस पोस्ट के जरिए अभिनेत्री ने फिल्म से जुड़ी अपनी यादों को एक बार फिर दर्शकों के साथ साझा किया।
सागरिका घाटगे के लिए यह फिल्म इसलिए भी खास है क्योंकि 'चक दे! इंडिया' से उन्होंने बॉलीवुड में कदम रखा था। फिल्म में उन्होंने भारतीय महिला हॉकी टीम की खिलाड़ी प्रीति सबरवाल की भूमिका निभाई थी। इस किरदार के जरिए उन्हें दर्शकों के बीच काफी पहचान मिली। फिल्म की रिलीज के बाद उनकी एक्टिंग और किरदार की भी काफी चर्चा हुई थी।
'चक दे! इंडिया' साल 2007 में रिलीज हुई थी। फिल्म का निर्देशन शिमित अमीन ने किया था, जबकि इसकी कहानी और स्क्रीनप्ले जयदीप साहनी ने लिखा था। फिल्म में शाहरुख खान ने कबीर खान का किरदार निभाया था। कबीर खान का किरदार भारतीय पुरुष हॉकी टीम के पूर्व कप्तान का है, जिसका करियर तब बुरी तरह प्रभावित होता है जब पाकिस्तान के खिलाफ एक मैच में भारतीय टीम को हार का सामना करना पड़ता है।
इस हार के बाद कबीर खान पर देश के साथ गद्दारी करने का आरोप लगता हैं, जिसके बाद वह कई साल तक खेल से दूर रहते हैं। हालांकि, करीब सात साल बाद उन्हें खुद को साबित करने का एक मौका मिलता है। वह भारतीय महिला हॉकी टीम के कोच की जिम्मेदारी संभालते हैं। टीम में 16 खिलाड़ी हैं, जो अलग-अलग शहरों, परिवारों और सोच से आती हैं। शुरुआत में इन खिलाड़ियों के बीच तालमेल नहीं होता और टीम के अंदर भी कई मतभेद दिखाई देते हैं।
कबीर खान के सामने सबसे बड़ी चुनौती इन खिलाड़ियों को एक मजबूत टीम में बदलने की होती है। वह खिलाड़ियों को व्यक्तिगत पहचान से ऊपर उठकर टीम के लिए खेलने की सीख देते हैं। धीरे-धीरे खिलाड़ी आपसी मतभेद भूलकर एक लक्ष्य के लिए साथ आती हैं और भारतीय महिला हॉकी टीम को जीत की ओर ले जाने का सफर शुरू होता है। फिल्म में इसी संघर्ष और बदलाव को बेहद भावनात्मक तरीके से दिखाया गया है।
'चक दे! इंडिया' में शाहरुख खान और सागरिका घाटगे के अलावा विद्या मालवड़े, शिल्पा शुक्ला, चित्राशी रावत, तान्या अबरोल और कई अन्य कलाकारों ने अहम भूमिकाएं निभाई थीं।
--आईएएनएस
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