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चाईबासा में नाबालिगों को संक्रमित खून चढ़ाने के मामले में झारखंड हाई कोर्ट गंभीर, सरकार से मांगी विस्तृत रिपोर्ट

रांची, 8 अप्रैल (आईएएनएस)। झारखंड हाईकोर्ट ने चाईबासा सदर अस्पताल के ब्लड बैंक में नाबालिग बच्चों को कथित रूप से एचआईवी संक्रमित रक्त चढ़ाए जाने के मामले को बेहद गंभीर मानते हुए राज्य सरकार को जांच की अद्यतन और विस्तृत रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया है।
 
चाईबासा में नाबालिगों को संक्रमित खून चढ़ाने के मामले में झारखंड हाई कोर्ट गंभीर, सरकार से मांगी विस्तृत रिपोर्ट

रांची, 8 अप्रैल (आईएएनएस)। झारखंड हाईकोर्ट ने चाईबासा सदर अस्पताल के ब्लड बैंक में नाबालिग बच्चों को कथित रूप से एचआईवी संक्रमित रक्त चढ़ाए जाने के मामले को बेहद गंभीर मानते हुए राज्य सरकार को जांच की अद्यतन और विस्तृत रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया है।

न्यायमूर्ति रंगन मुखोपाध्याय की पीठ ने बुधवार को इस मामले में सुनवाई के दौरान राज्य सरकार के रुख पर नाराजगी जताई। अदालत ने कहा कि केवल एफआईआर दर्ज करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि इस गंभीर लापरवाही के लिए जिम्मेदार लोगों को कानून के दायरे में लाया जाए।

याचिकाकर्ता दीपिका हेम्ब्रम एवं अन्य की ओर से दायर याचिका में मामले में एफआईआर दर्ज करने और विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित करने की मांग की गई थी। सुनवाई के दौरान अदालत को बताया गया कि इस संबंध में 6 फरवरी 2026 को एफआईआर संख्या 18/2026 दर्ज की जा चुकी है। हालांकि, राज्य सरकार की ओर से उपस्थित अधिवक्ता जांच की वर्तमान स्थिति के बारे में स्पष्ट जानकारी देने में असमर्थ रहे।

इस पर अदालत ने कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि कई छोटे बच्चों को एचआईवी-संक्रमित रक्त चढ़ाया जाना अत्यंत गंभीर मामला है, जिससे उनके जीवन और भविष्य पर गहरा असर पड़ा है। अदालत ने कहा कि इस तरह की आपराधिक लापरवाही को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। हाईकोर्ट ने यह भी कहा कि राज्य सरकार द्वारा दाखिल जवाब केवल एफआईआर दर्ज होने तक सीमित है और जांच की प्रगति को लेकर कोई ठोस जानकारी प्रस्तुत नहीं की गई है।

अदालत ने इसे गंभीरता से लेते हुए राज्य सरकार को निर्देश दिया कि अब तक की जांच की पूरी प्रगति को स्पष्ट करते हुए पूरक हलफनामा दाखिल किया जाए। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2025 में चाईबासा सदर अस्पताल में पांच नाबालिग थैलेसीमिया मरीजों को संक्रमित खून चढ़ाने के बाद एचआईवी संक्रमण का मामला सामने आया था। इस घटना को लेकर परिजनों ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। मामले की अगली सुनवाई 21 अप्रैल को निर्धारित की गई है।

--आईएएनएस

एसएनसी/डीएससी