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चाय के साथ गलत फूड कॉम्बिनेशन बढ़ा सकते हैं पेट की परेशानी, बढ़ सकती हैं गैस और एसिडिटी की समस्या

नई दिल्ली, 12 जून (आईएएनएस)। भारत में चाय रोजमर्रा की जिंदगी का अहम हिस्सा है। सुबह की शुरुआत से लेकर शाम की थकान तक, एक कप चाय लोगों को आराम देने का काम करती है। लेकिन अक्सर चाय के साथ लोग ऐसी चीजें खा लेते हैं जो शरीर और पाचन तंत्र पर बुरा असर डालती हैं।
 
चाय के साथ गलत फूड कॉम्बिनेशन बढ़ा सकते हैं पेट की परेशानी, बढ़ सकती हैं गैस और एसिडिटी की समस्या

नई दिल्ली, 12 जून (आईएएनएस)। भारत में चाय रोजमर्रा की जिंदगी का अहम हिस्सा है। सुबह की शुरुआत से लेकर शाम की थकान तक, एक कप चाय लोगों को आराम देने का काम करती है। लेकिन अक्सर चाय के साथ लोग ऐसी चीजें खा लेते हैं जो शरीर और पाचन तंत्र पर बुरा असर डालती हैं।

मेडिकल साइंस के अनुसार, चाय में मौजूद कैफीन, टैनिन और अन्य सक्रिय तत्व कुछ खाद्य पदार्थों के साथ मिलकर पाचन को प्रभावित करते हैं। यही वजह है कि कुछ कॉम्बिनेशन पेट में गैस, एसिडिटी, पोषक तत्वों के अवशोषण में कमी और दांतों की संवेदनशीलता जैसी समस्याएं पैदा कर सकते हैं।

चाय में मुख्य रूप से कैफीन, टैनिन, पॉलीफेनॉल्स और थोड़ी मात्रा में फ्लोराइड पाया जाता है। कैफीन शरीर को तुरंत ऊर्जा देता है, लेकिन टैनिन कई बार आयरन और कुछ मिनरल्स के अवशोषण को कम कर देता है। यही कारण है कि चाय के साथ कुछ खाद्य पदार्थों का मेल शरीर के लिए सही नहीं माना जाता।

सबसे पहले बात करते हैं तीखे और मसालेदार खाने की। लहसुन, प्याज, हरी मिर्च, तीखी चटनी और भारी मसालों में मौजूद तत्व जैसे एलिसिन, कैप्साइसिन और सल्फर कंपाउंड पाचन को तेज कर देते हैं और पेट में एसिड का उत्पादन बढ़ा सकते हैं। जब इन्हें चाय के साथ लिया जाता है, जिसमें कैफीन पहले से ही गैस्ट्रिक एसिड को प्रभावित करता है, तो यह कॉम्बिनेशन पेट में जलन, एसिडिटी और भारीपन बढ़ा सकता है।

नींबू और चाय का संयोजन भी हर व्यक्ति के लिए सही नहीं माना जाता। नींबू में साइट्रिक एसिड और विटामिन सी भरपूर मात्रा में होता है, जबकि चाय में टैनिन होता है। जब दोनों एक साथ या तुरंत बाद लिए जाते हैं, तो कुछ लोगों में पेट का पीएच स्तर असंतुलित हो सकता है। इससे एसिडिटी, पेट फूलना या हल्की गैस की समस्या हो सकती है। विशेषज्ञों की मानें तो, चाय और नींबू के सेवन के बीच कम से कम 20–30 मिनट का अंतर रखा जाए।

चॉकलेट और चाय का कॉम्बिनेशन भी पाचन और स्वाद दोनों के लिए संतुलित नहीं माना जाता। चॉकलेट में थियोब्रोमाइन, कैफीन, फैट और शुगर होती है। ये सभी तत्व चाय के साथ मिलकर कैलोरी लोड बढ़ा सकते हैं और कुछ लोगों में पाचन धीमा कर सकते हैं। खासकर दूध वाली चाय के साथ चॉकलेट खाने से पेट में भारीपन महसूस हो सकता है। हालांकि ब्लैक टी के साथ डार्क चॉकलेट कभी-कभी बेहतर मेल माना जाता है, लेकिन यह भी सीमित मात्रा में ही उपयुक्त है।

हल्दी वाले खाद्य पदार्थ के तुरंत बाद चाय पीना भी उचित नहीं माना जाता। हल्दी में मौजूद करक्यूमिन एक शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-इंफ्लेमेटरी तत्व है, जो शरीर में सूजन कम करने में मदद करता है। लेकिन चाय में मौजूद टैनिन और कैफीन इसके अवशोषण को प्रभावित कर सकते हैं। इससे कुछ लोगों को पेट में भारीपन, गैस या हल्की असहजता महसूस हो सकती है। इसलिए हल्दी और चाय के बीच भी अंतर रखना बेहतर होता है।

इसके अलावा, गर्म चाय के तुरंत बाद ठंडा पानी पीना या कोई बहुत ठंडी चीज लेना दांतों और पाचन दोनों के लिए हानिकारक हो सकता है। दांतों के इनेमल पर अचानक तापमान बदलाव से माइक्रोक्रैक आ सकते हैं, जिससे संवेदनशीलता बढ़ सकती है। साथ ही, पाचन तंत्र पर भी अचानक तापमान बदलाव का असर पड़ता है, जिससे गैस या पेट में ऐंठन की समस्या हो सकती है।

--आईएएनएस

पीके/एएस