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सीजीटीएन सर्वे: वैश्विक शासन पर एससीओ का प्रस्ताव ध्यानाकर्षक

बीजिंग, 31 अगस्त (आईएएनएस)। वर्ष 2026 एससीओ शिखर सम्मेलन के आयोजन के मौके पर चाइना मीडिया ग्रुप (सीएमजी) के अधीन चाइना ग्लोबल टेलीविजन नेटवर्क (सीजीटीएन) ने वैश्विक नेटीजनों के बीच एक सर्वेक्षण किया। इसमें 48 देशों के 13,707 उत्तरदाताओं ने भाग लिया।
 

बीजिंग, 31 अगस्त (आईएएनएस)। वर्ष 2026 एससीओ शिखर सम्मेलन के आयोजन के मौके पर चाइना मीडिया ग्रुप (सीएमजी) के अधीन चाइना ग्लोबल टेलीविजन नेटवर्क (सीजीटीएन) ने वैश्विक नेटीजनों के बीच एक सर्वेक्षण किया। इसमें 48 देशों के 13,707 उत्तरदाताओं ने भाग लिया।

इसमें शामिल 74.6 प्रतिशत उत्तरदाताओं का मानना है कि एससीओ अलग-अलग व्यवस्था वाले देशों को सहयोग का व्यवहारिक रास्ता देता है और नए प्रकार के अंतर्राष्ट्रीय संबंध व मानव जाति साझे भविष्य वाले समुदाय का निर्माण बढ़ाने में अहम बल बन गया है।

इस साल एससीओ की स्थापना की 25वीं वर्षगांठ है। पिछले 25 सालों में चीन और एससीओ के अन्य सदस्य देशों के बीच व्यापार वर्ष 2001 के 12.1 अरब अमेरिकी डॉलर से बढ़कर वर्ष 2025 के 5 खरब 23 अरब 50 करोड़ डॉलर तक पहुंचा।

चीन-किर्गिस्तान-उज्बेकिस्तान रेलवे, एससीओ विकास बैंक और चीन-मध्य एशिया गैस पाइपलाइन आदि परियोजनाएं आगे बढ़ रही हैं।

सर्वेक्षण में शामिल वैश्विक उत्तरदाताओं ने पिछले 25 सालों में विभिन्न क्षेत्रों में एससीओ के व्यवहारिक सहयोग की उपलब्धियों की प्रशंसा की। उनका मानना है कि व्यापार सुविधा, निवेश व वित्तपोषण सहयोग और सांस्कृतिक आदान-प्रदान व पर्यटन समेत तीन मुख्य क्षेत्रों में एससीओ का अंतर्राष्ट्रीय प्रभाव स्पष्ट रूप से बढ़ा है।

सर्वेक्षण में भाग लेने वाले उत्तरदाताओं ने एससीओ साझे भविष्य वाले समुदाय का निर्माण बढ़ाने में चीन की विचारधारा और योगदान की प्रशंसा की। उनका समान विचार है कि क्षेत्रीय आर्थिक सहयोग, सदस्य देशों के बीच सुरक्षा सहयोग और विकास व वित्तीय सहायता देने में चीन का योगदान सबसे प्रमुख है।

वैश्विक शासन व्यवस्था में सुधार करने का अहम बल होने के नाते एससीओ सच्चे बहुपक्षवाद का पालन करने, समान व व्यवस्थित बहुध्रुवीय दुनिया का प्रोत्साहन करने और समावेशी आर्थिक वैश्वीकरण बढ़ाने में अधिकाधिक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। सर्वेक्षण में शामिल 89.6 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने अपील की कि सभी पक्षों को समान रूप से वैश्विक मामलों में भाग लेने के साथ संयुक्त रूप से अंतर्राष्ट्रीय नियम और व्यवस्था बनाना पड़ता है। आशा है कि एससीओ बुनियादी संस्थापन, ऊर्जा, क्षेत्रीय सुरक्षा सहयोग, पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन आदि में अधिक प्रभाव डालेगा।

(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)

--आईएएनएस

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