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सीजीटीएन सर्वे : अफ्रीका पर चीन द्वारा लगाए गए शुल्क को घटाकर शून्य किया गया

बीजिंग, 30 अप्रैल (आईएएनएस)। 1 मई से, चीन की उन 53 अफ्रीकी देशों पर शून्य-शुल्क नीति आधिकारिक रूप से लागू हो जाएगी, जिनके साथ उसके राजनयिक सम्बंध हैं। इस शुल्क कटौती से चीन और अफ्रीका के बीच व्यापार में वृद्धि होगी, जिससे अफ्रीकी अर्थव्यवस्था में अधिक स्थिरता और पूर्वानुमानशीलता आएगी।
 
सीजीटीएन सर्वे : अफ्रीका पर चीन द्वारा लगाए गए शुल्क को घटाकर शून्य किया गया

बीजिंग, 30 अप्रैल (आईएएनएस)। 1 मई से, चीन की उन 53 अफ्रीकी देशों पर शून्य-शुल्क नीति आधिकारिक रूप से लागू हो जाएगी, जिनके साथ उसके राजनयिक सम्बंध हैं। इस शुल्क कटौती से चीन और अफ्रीका के बीच व्यापार में वृद्धि होगी, जिससे अफ्रीकी अर्थव्यवस्था में अधिक स्थिरता और पूर्वानुमानशीलता आएगी।

इसको लेकर चाइना मीडिया ग्रुप (सीएमजी) के अधीन चाइना ग्लोबल टेलीविजन नेटवर्क (सीजीटीएन) ने वैश्विक नेटीजनों में एक ऑनलाइन सर्वेक्षण किया। 87.3 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने चीन के आपसी लाभ वाले व्यापार दर्शन की बहुत प्रशंसा की, उनका मानना है कि वैश्विक व्यापार व्यवस्था के सामने मौजूद चुनौतियों के मद्देनजर, चीन का यह कदम अफ्रीकी देशों द्वारा सामना की जाने वाली विकास सम्बंधी कठिनाइयों और अनुचित व्यवहार को कम करने में मदद करता है और अंतरराष्ट्रीय निष्पक्षता और न्याय को बनाए रखता है।

2025 में चीन और अफ्रीका के बीच व्यापार 3 खरब 48 अरब डॉलर तक पहुंच गया, जो वर्ष 2024 से 17.7 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है और एक नया रिकॉर्ड बनाया गया। चीन लगातार 16 वर्षों से अफ्रीका का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार बना हुआ है। इस पर 87.4 प्रतिशत उत्तरदाताओं का मानना है कि शून्य-टैरिफ नीति अफ्रीकी उत्पादों को चीन के विशाल बाजार से जोड़ने में और तेजी लाएगी, जिससे अफ्रीकी विकास के लिए अधिक विकास के अवसर मिलेंगे; और 85.2% उत्तरदाताओं का मानना है कि चीन-अफ्रीका व्यापार की तीव्र वृद्धि लोगों की आजीविका और रोजगार पर सकारात्मक प्रभाव डालेगी और अफ्रीका की स्वतंत्र विकास क्षमता को बढ़ावा देगी।

दरअसल, शून्य-टैरिफ नीति ने न केवल चीन-अफ्रीका व्यापार को बढ़ाया है, बल्कि व्यापार की जाने वाली वस्तुओं की श्रेणियों और औद्योगिक संरचना को भी अनुकूलित किया है।

यह सर्वेक्षण सीजीटीएन के अंग्रेजी, स्पेनिश, फ्रेंच, अरबी और रूसी प्लेटफार्मों पर प्रकाशित किया गया, और 7,665 इंटरनेट उपयोगकर्ताओं ने इस सर्वेक्षण में भाग लिया और 24 घंटों के भीतर अपनी राय व्यक्त की।

(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)

--आईएएनएस

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