सीईसी विवाद: विपक्ष ने की राष्ट्रपति से मुलाकात, द्रौपदी मुर्मु ने वोट चोरी के आरोप पर मांगा सबूत
नई दिल्ली, 9 अक्टूबर (आईएएनएस)। मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्षी नेताओं ने विजय चौक पर जोरदार प्रदर्शन किया। इसके बाद एक प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से भी मुलाकात की। इस प्रतिनिधिमंडल में दस से अधिक नेता शामिल थे। प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति को एक ज्ञापन भी सौंपा।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, "आज हमारे गठबंधन दलों के सभी नेता, राहुल गांधी, ममता बनर्जी और अन्य नेता राष्ट्रपति से मिले। राष्ट्रपति को हमने ज्ञापन सौंपा। पिछले चार दिनों से हम वोट चोरी के खिलाफ जो आंदोलन चला रहे हैं, उसके बारे में बताने के लिए हम राष्ट्रपति के पास गए थे।"
उन्होंने कहा, "हमने अपनी बात उनके सामने रखी और वोट चोरी के बारे में उन्हें बताया। ज्ञानेश कुमार के कार्यालय से जो इतनी बड़ी वोट चोरी हो रही है, उसे लेकर हमने मांग की है कि ईवीएम को हटाकर फिर से बैलेट पेपर से चुनाव कराए जाएं। उन्होंने हमसे वोट चोरी के सबूत मांगे हैं। हम सबूत तैयार कर रहे हैं और उन्हें जल्द सौंपेंगे। हम सारी जानकारी देंगे। उन्होंने हमारी बातों को ध्यान से सुना है।"
राहुल गांधी ने कहा, "मैं अभी-अभी एक बहुत ही हैरान करने वाली बैठक से निकला हूं। सबसे पहली बात, हम राष्ट्रपति को एक ज्ञापन सौंपने गए थे। राष्ट्रपति ने हमारी बात को किसी भी तरह से नकारा नहीं, उस पर कोई सवाल नहीं उठाया और न ही उस पर कोई बहस की।"
उन्होंने कहा कि चुनाव में धांधली की बात पर राष्ट्रपति ने हमसे कहा कि आप सबूत लेकर हमारे पास आइए। हमने सारे सबूत एकत्रित किए हैं, इन सबूतों को राष्ट्रपति के पास ले जाया जाएगा। पूरा देश जानता है, छात्र जानते हैं कि देश में वोट चोरी हो रही है। उन्होंने कहा कि वे इसके बारे में सोचेंगी और कार्रवाई करेंगी। मैं उनका दिल से धन्यवाद करना चाहता हूं।
राहुल गांधी ने कहा कि 2024 का चुनाव भी चुरा लिया गया और फिर भी राष्ट्रपति चाहती हैं कि हम उन्हें सबूत दें। जब वह सबूत स्वीकार करने के लिए तैयार होंगी, तो हम जमा किए गए सभी सबूत उनके पास ले जाएंगे। मुझे असल में उम्मीद थी कि राष्ट्रपति वोट की चोरी होने की बात से इनकार करेंगी और कहेंगी कि भारत में चुनाव की व्यवस्था निष्पक्ष और स्वतंत्र है, लेकिन मैं हैरान और स्तब्ध रह गया कि राष्ट्रपति ने हमारी बात मान ली।
वहीं ममता बनर्जी ने कहा कि हमने राष्ट्रपति को एक ज्ञापन सौंपा है। हमने सकारात्मक रुख देखा है। उन्होंने कहा कि वह जांच करेंगी, विवरण देखेंगी। उन्होंने हमें सबूत भेजने के लिए कहा है और हम भेजेंगे। देश बहुत चिंतित है और संविधान के संरक्षक के तौर पर आपको यह सुनिश्चित करना चाहिए कि लोकतंत्र बना रहे। उन्होंने कहा कि इंडिया ब्लॉक एकजुट है। हम बहुत मजबूत हैं और 60 प्रतिशत से ज्यादा लोगों का प्रतिनिधित्व करते हैं। उनका रुख बहुत सकारात्मक है और उन्होंने कहा कि वह जांच करेंगी।
इससे पहले बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों के साथ विपक्षी नेता विजय चौक पहुंचे। इनमें राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद मल्लिकार्जुन खड़गे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला, ममता बनर्जी, दानिश अली, मनोज झा, राजीव राय, सुप्रिया सुले, हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू समेत कई नेता शामिल थे।
कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार, अभिषेक बनर्जी, भूपेश बघेल और कुमारी सैलजा भी विजय चौक पहुंचे थे।
विपक्षी नेताओं ने विजय चौक पर बैठकर नारेबाजी की और प्रदर्शन शुरू कर दिया। इस दौरान बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी वहां मौजूद रहे।
--आईएएनएस
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