सीईसी को हटाने की मांग पर भड़के अनिल विज, राहुल गांधी पर 'तानाशाही खून' वाला तीखा हमला किया
अंबाला, 30 सितंबर (आईएएनएस)। एसआईआर विवाद को लेकर सीईसी ज्ञानेश कुमार को हटाने की विपक्ष की मुहिम पर हरियाणा के मंत्री अनिल विज ने पलटवार करते हुए इंडिया गठबंधन को कठघरे में खड़ा किया है। विज ने विपक्ष के प्रदर्शन को फेल छात्र की बहानेबाजी से जोड़ते हुए सीधा सवाल दागा कि अगर वोटर लिस्ट ही फर्जी है तो उसी लिस्ट से जीते आपके सांसद-विधायक कुर्सी से क्यों चिपके हैं?
कांग्रेस पर स्वायत्त संस्थाओं को बदनाम करने का आरोप लगाते हुए उन्होंने राहुल गांधी की सोच को लोकतंत्र के लिए खतरा बताया।
विज ने कहा, "यह ठीक वैसा ही है जैसे कोई बच्चा स्कूल में फेल हो जाए और घर आकर रोए कि टीचर खराब था, स्कूल खराब था, या बेंच खराब थी। लेकिन जब वे जीतते हैं, तो वे यह नहीं कहते, है ना? उन्होंने हिमाचल प्रदेश, कर्नाटक या केरल में ऐसा नहीं कहा। अब वे हर जगह जुलूस निकाल रहे हैं और कह रहे हैं कि इलेक्टोरल रोल गलत हैं।"
अनिल विज ने आगे कहा कि अगर वे गलत हैं, तो उन इलेक्टोरल रोल के आधार पर जीतने वाले सभी विधायक और सांसद को तुरंत इस्तीफा दे देना चाहिए, क्योंकि आप मान रहे हैं कि इलेक्टोरल रोल गलत थे। आप सभी को इस्तीफा दे देना चाहिए और फिर सड़कों पर उतरना चाहिए।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी सभी स्वायत्त संस्थाओं के खिलाफ देश में अभियान चला रही है। वो कोर्ट पर भी सवाल खड़े करते हैं, ईडी पर भी प्रश्न चिह्न लगाते हैं, चुनाव आयोग पर भी। इसका मुख्य कारण ये है कि कांग्रेस को राहुल गांधी लीड कर रहे हैं। राहुल गांधी की नसों में उनकी दादी का तानाशाही वाला खून दौड़ रहा है। वो प्रजातंत्र को खत्म करके, देश में तानाशाही लाना चाहते हैं। इसलिए लगातार स्वायत्त संस्थाओं का विरोध किया जा रहा है।
केरल के भाजपा अध्यक्ष और विधायक राजीव चंद्रशेखर ने कहा, "इंडिया गठबंधन से किसी को पूछना चाहिए कि आप किस बात का विरोध कर रहे हैं? क्या आप इस बात का विरोध कर रहे हैं कि चुनाव आयोग ने राहुल गांधी के झूठ का पर्दाफाश कर दिया? क्या आप इस बात का विरोध कर रहे हैं कि सभी ने मान लिया है कि राहुल गांधी फ्रॉड हैं? आप किस बात का विरोध कर रहे हैं? अगर आज इंडिया गठबंधन को देखें तो डीएमके ने इसे छोड़ दिया है, समाजवादी पार्टी और बाकी दल भी अलग हैं। राहुल गांधी तो खुद कहते हैं कि वो इंडिया गठबंधन के सदस्य पी. विजयन को जेल भेजना चाहते हैं, फिर ये लोग किस बात पर विरोध कर रहे हैं? मुझे समझ नहीं आ रहा कि आखिर ये विरोध किस बात का है।"
उन्होंने कहा कि यह सिर्फ चौंकाने वाला नहीं है, बल्कि मैं कहता हूं कि यह काफी निंदनीय है क्योंकि एक तरफ केरल में भाजपा और केंद्र सरकार ने वीडी सतीशन सरकार को अपनी मर्जी से सपोर्ट दिया है। हम समझ गए हैं कि राज्य गहरे वित्तीय संकट में है और उस दिन भी जब गृह मंत्री आए और उन्होंने एक सार्वजनिक कार्यक्रम में कहा कि मैं राज्य के ज्यादा से ज्यादा मंत्रियों को मिलने के लिए बुलाता हूं।
--आईएएनएस
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