सीबीएसई : 12वीं के मूल्यांकन पर सवालों का घेरा, धर्मेंद्र प्रधान को सीपीआई(एम) सांसद ने लिखा पत्र
नई दिल्ली, 23 मई (आईएएनएस)। राज्यसभा सांसद व सीपीआई(एम) नेता डॉ. जॉन ब्रिटास ने शनिवार को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को सीबीएसई की 12वीं की परीक्षा के मूल्यांकन में गंभीर अनियमितताओं को लेकर एक महत्वपूर्ण पत्र लिखा है। पत्र में ऑन-स्क्रीन मार्किंग (ओएसएम) प्रणाली, धुंधली स्कैन की गई उत्तर पुस्तिकाओं, स्टेप-मार्किंग में अनदेखी और पुनर्मूल्यांकन पोर्टल की तकनीकी समस्याओं को लेकर गहरी चिंता जताई गई है।
पत्र में कहा गया है कि 21 मई को भेजे गए पिछले पत्र के बाद देशभर के छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों से बड़ी संख्या में शिकायतें आई हैं। कई छात्रों ने आरोप लगाया है कि सीबीएसई पोर्टल पर उपलब्ध कराई गई उनकी स्कैन की गई उत्तर पुस्तिकाएं धुंधली, अस्पष्ट और आंशिक रूप से अपठनीय हैं। ऐसे में परीक्षार्थियों के लिए यह सत्यापित करना लगभग असंभव हो गया है कि उनका मूल्यांकन सही तरीके से हुआ या नहीं।
पत्र में विशेष रूप से भौतिकी, रसायन विज्ञान और गणित जैसे विषयों में चरणवार अंक न दिए जाने की शिकायतों का जिक्र किया गया है। छात्रों ने दावा किया कि उन्होंने डेरिवेशन्स, गणनाएं और मध्यवर्ती चरण साफ-साफ लिखे थे, लेकिन उन्हें उचित अंक नहीं दिए गए।
पुनर्मूल्यांकन और उत्तर पुस्तिका प्राप्त करने के पोर्टल में लगातार तकनीकी गड़बड़ियां आ रही हैं, जिसके कारण कई छात्र समय पर आवेदन नहीं कर पा रहे हैं। पत्र में कहा गया है कि ऐसे में प्रवेश और छात्रवृत्ति की प्रक्रिया से जुड़े छात्रों का भविष्य प्रभावित हो सकता है।
डॉ. जॉन ब्रिटास ने शिक्षा मंत्री से मांग की है कि सीबीएसई के पूरे मूल्यांकन तंत्र की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए। साथ ही ऑन-स्क्रीन मार्किंग प्रणाली की स्वतंत्र समीक्षा की जाए। जहां भी उत्तर पुस्तिकाएं अपठनीय पाई जाएं, वहां मैनुअल सत्यापन की व्यवस्था की जाए। पुनर्मूल्यांकन की अंतिम तिथि बढ़ाई जाए ताकि कोई भी छात्र तकनीकी कारणों से वंचित न रहे।
पत्र में जोर देकर कहा गया है कि सीबीएसई की परीक्षाएं छात्रों के उच्च शिक्षा, करियर और भविष्य को निर्धारित करती हैं। इसलिए मूल्यांकन में किसी भी तरह की लापरवाही या विसंगति को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। शिक्षा मंत्री से अपील की गई है कि वे इस मामले में तत्काल संज्ञान लें और सीबीएसई को उचित दिशा-निर्देश दें। साथ ही, पूरे मूल्यांकन प्रक्रिया में पारदर्शिता, जवाबदेही और छात्र-केंद्रित दृष्टिकोण सुनिश्चित करें।
यह पत्र सीबीएसई के परिणाम घोषित होने के बाद छात्रों में व्याप्त व्यापक असंतोष को दिखाता है। देशभर में कई छात्र संगठनों ने भी ओएसएम प्रणाली और मूल्यांकन की गुणवत्ता पर सवाल उठाए हैं। शिक्षा मंत्रालय और सीबीएसई की ओर से इस पत्र पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन छात्रों और अभिभावकों की उम्मीद है कि मंत्री इस गंभीर मुद्दे पर जल्द संवेदनशीलता दिखाएंगे।
--आईएएनएस
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