Aapka Rajasthan

सीबीआई ने नकली पासपोर्ट मामले में एक आरोपी को 4 साल की सजा सुनाई, 20,000 रुपए का जुर्माना लगाया

नई दिल्ली, 24 फरवरी (आईएएनएस)। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने जालसाजी और कई नकली पासपोर्ट बनवाने के एक महत्वपूर्ण मामले में आरोपी को सजा दिलाई है। चेन्नई के एग्मोर स्थित एडिशनल चीफ मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट कोर्ट ने सोमवार को आरोपी उबैदुल्लाह (उर्फ एफ. हमीद, उर्फ उबैतुल्लाह खान फैजल) को 4 साल की सश्रम कारावास और 20,000 रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई। यह फैसला जालसाजी, धोखाधड़ी और कई फर्जी पहचानों से पासपोर्ट हासिल करने के आरोपों पर आधारित है।
 
सीबीआई ने नकली पासपोर्ट मामले में एक आरोपी को 4 साल की सजा सुनाई, 20,000 रुपए का जुर्माना लगाया

नई दिल्ली, 24 फरवरी (आईएएनएस)। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने जालसाजी और कई नकली पासपोर्ट बनवाने के एक महत्वपूर्ण मामले में आरोपी को सजा दिलाई है। चेन्नई के एग्मोर स्थित एडिशनल चीफ मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट कोर्ट ने सोमवार को आरोपी उबैदुल्लाह (उर्फ एफ. हमीद, उर्फ उबैतुल्लाह खान फैजल) को 4 साल की सश्रम कारावास और 20,000 रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई। यह फैसला जालसाजी, धोखाधड़ी और कई फर्जी पहचानों से पासपोर्ट हासिल करने के आरोपों पर आधारित है।

सीबीआई ने यह मामला 31 दिसंबर 2018 को दर्ज किया था। जांच में पता चला कि आरोपी उबैदुल्लाह ने अपनी असली पहचान छिपाकर, जाली दस्तावेजों का इस्तेमाल करके अलग-अलग नामों से कई पासपोर्ट बनवाए। इनमें फर्जी नाम जैसे उबैदुल्लाह खान और फैजल खान शामिल थे। उसने इन नकली पासपोर्टों का इस्तेमाल विदेश यात्रा के लिए किया, ताकि कस्टम विभाग को धोखा दिया जा सके। विशेष रूप से, सिंगापुर जाने वाली फ्लाइट में चढ़ते समय चेन्नई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर कस्टम अधिकारियों ने उसे पकड़ा। उसके पास बिना किसी वैध अनुमति के लगभग 36.74 लाख रुपए मूल्य की विदेशी मुद्रा (भारतीय मुद्रा के बराबर) अवैध रूप से रखी हुई थी।

आरोपी ने पासपोर्ट अधिकारी को आवेदन देते समय जानबूझकर गलत जानकारी दी और जरूरी विवरण छिपाए। उसने फर्जी दस्तावेज जैसे पहचान पत्र, पता प्रमाण आदि जमा किए, जिससे पासपोर्ट जारी हो गए। सीबीआई की जांच में यह साबित हुआ कि आरोपी ने लंबे समय से ऐसी धोखाधड़ी की, जिसका मकसद अवैध गतिविधियां जैसे तस्करी या अन्य अपराधों को अंजाम देना था।

जांच पूरी होने के बाद सीबीआई ने 13 मार्च 2020 को आरोपी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। लंबे ट्रायल के बाद कोर्ट ने सभी सबूतों की जांच की और आरोपी को दोषी करार दिया। कोर्ट ने भारतीय दंड संहिता की धाराओं के तहत जालसाजी (फॉर्जरी), धोखाधड़ी और पासपोर्ट एक्ट के उल्लंघन के लिए सजा सुनाई। जुर्माना न चुकाने पर अतिरिक्त सजा का भी प्रावधान किया गया है।

यह मामला पासपोर्ट जालसाजी और अवैध मुद्रा तस्करी के खिलाफ सीबीआई की सख्त कार्रवाई का उदाहरण है। ऐसे मामले देश की सुरक्षा और इमिग्रेशन सिस्टम को चुनौती देते हैं। सीबीआई नियमित रूप से फर्जी दस्तावेजों से पासपोर्ट जारी करने वाले गिरोहों पर नकेल कस रही है, खासकर चेन्नई जैसे अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों पर जहां विदेशी मुद्रा और दस्तावेजों की जांच सख्त की जाती है।

--आईएएनएस

एससीएच