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कनाडा वर्क वीजा के नाम पर ठगी करने वाले गैंग का पर्दाफाश, तीन गिरफ्तार

नोएडा, 1 अक्टूबर (आईएएनएस)। नोएडा के थाना फेस-1 पुलिस ने विदेश भेजने और कनाडा का वर्क वीजा दिलाने के नाम पर लोगों से धोखाधड़ी करने वाले गैंग का पर्दाफाश करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में दो पुरुष और एक महिला शामिल हैं।
 

नोएडा, 1 अक्टूबर (आईएएनएस)। नोएडा के थाना फेस-1 पुलिस ने विदेश भेजने और कनाडा का वर्क वीजा दिलाने के नाम पर लोगों से धोखाधड़ी करने वाले गैंग का पर्दाफाश करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में दो पुरुष और एक महिला शामिल हैं।

पुलिस ने इनके कब्जे से घटना में इस्तेमाल किए गए सात मोबाइल फोन, एक थार कार और पांच ग्राहकों के पासपोर्ट बरामद किए हैं। पुलिस की कार्रवाई मैनुअल इंटेलिजेंस और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस के आधार पर की गई।

पुलिस के मुताबिक, 1 अक्टूबर 2026 को थाना फेस-1 पुलिस टीम ने सेक्टर-2 स्थित सी-7 से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। इनकी पहचान राहुल कुमार चौहान (31), संदीप सिंह (44) और पूजा महाजन (43) के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, सी-7 ग्राउंड फ्लोर, सेक्टर-2, नोएडा में एजुकेशन कंसल्टेंसी कंपनी संचालित होती है, जो लोगों को विदेश भेजने का काम करती है।

जांच में सामने आया कि कंसल्टेंसी कंपनी के संपर्क में गूगल के माध्यम से अरमान और क्रिस्टन जेनिफर नाम के लोग आए थे। दोनों की ओर से कनाडा का वर्क वीजा दिलाने का ऑफर दिया गया। इसके बाद क्रिस्टन जेनिफर ने खुद को विदेशी महिला बताते हुए कंसल्टेंसी से संपर्क किया। कंसल्टेंसी की ओर से पांच ग्राहकों की जानकारी और उनके पासपोर्ट उपलब्ध कराए गए।

आरोप है कि वीजा प्रक्रिया के नाम पर प्रत्येक ग्राहक से 25 हजार रुपये पेपर वर्क, बायोमेट्रिक्स और मेडिकल कराने के नाम पर लिए गए। आरोपियों ने ग्राहकों को भरोसा दिलाया कि जल्द ही उनका टेंपरेरी रेजिडेंस वीजा तैयार कराकर उन्हें विदेश भेज दिया जाएगा। इसके बाद वीजा की प्रक्रिया आगे बढ़ाने के नाम पर प्रत्येक ग्राहक से 12.50 लाख रुपये अतिरिक्त देने की मांग की गई।

पुलिस की जांच में यह भी सामने आया कि क्रिस्टन जेनिफर का वास्तविक नाम पूजा महाजन है, जबकि अरमान की पहचान संदीप सिंह के रूप में हुई है।

पुलिस के अनुसार, आरोपी संदीप सिंह उर्फ अरमान ' माई सेकंड लाइन ’ एप के जरिए कनाडा का वर्चुअल फोन नंबर प्रदर्शित करता था। इसके बाद वह नोएडा की कंसल्टेंसी कंपनियों से संपर्क कर खुद को कनाडा में रहने वाला व्यक्ति बताता था और वहीं से बातचीत करने का दावा करता था।

पुलिस ने आरोपी के कब्जे से उस मोबाइल फोन को भी बरामद किया है, जिसमें उक्त एप्लीकेशन का इस्तेमाल किया जा रहा था। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ थाना फेस-1 में मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस अब गिरोह से जुड़े अन्य लोगों, विदेश भेजने के नाम पर की गई अन्य ठगी और आरोपियों के संपर्क में आए लोगों के बारे में जानकारी जुटा रही है।

पुलिस ने घटना में शामिल लोगों को गिरफ्तार करने के साथ-साथ उनके पास से घटना में इस्तेमाल 7 मोबाइल फोन थार कार और ग्राहकों के 5 पासपोर्ट बरामद किए है। पुलिस की कार्रवाई के बाद अब जांच का दायरा बढ़ाया जा रहा है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि आरोपियों ने इससे पहले कितने लोगों को विदेश भेजने या वीजा दिलाने के नाम पर अपने जाल में फंसाया और उनसे कितनी रकम वसूली गई।

--आईएएनएस

पीकेटी/एएसएच