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बुसान की नहर में फिर लौटी 'बुकांग-ई', तीसरी कोशिश के बाद भी चुनौती बरकरार

सोल, 22 अक्टूबर (आईएएनएस)। दक्षिण कोरिया के बंदरगाह शहर बुसान में एक महीने से अधिक समय तक नहर में फंसी शार्क 'बुकांग-ई' अपनी जिद पर अड़ी हुई है। एक बार फिर उसे समुद्र में छोड़ने की कोशिश नाकाम साबित हुई। समुद्र की ओर ले जाने के लिए अधिकारियों ने तीसरी बार अभियान चलाया, लेकिन वो लौट आई।
 

सोल, 22 अक्टूबर (आईएएनएस)। दक्षिण कोरिया के बंदरगाह शहर बुसान में एक महीने से अधिक समय तक नहर में फंसी शार्क 'बुकांग-ई' अपनी जिद पर अड़ी हुई है। एक बार फिर उसे समुद्र में छोड़ने की कोशिश नाकाम साबित हुई। समुद्र की ओर ले जाने के लिए अधिकारियों ने तीसरी बार अभियान चलाया, लेकिन वो लौट आई।

बुधवार को चलाए गए इस अभियान के दौरान शार्क नहर से बाहर निकलकर पास के एक घाट के आसपास दिखाई दी, लेकिन उसके खुले समुद्र तक पहुंचने को लेकर अनिश्चितता बनी रही।

योनहाप समाचार एजेंसी के अनुसार, ‘बुकांग-ई’ नाम की इस शार्क को पहली बार 18 सितंबर को बुसान के नॉर्थ पोर्ट स्थित वाटरफ्रंट पार्क की कृत्रिम नहर में देखा गया था। इसके बाद यह स्थानीय आकर्षण बन गई और जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचने लगे। रविवार तक इस पार्क में आने वाले लोगों की कुल संख्या 16 लाख से अधिक हो गई थी।

शार्क को नहर से बाहर निकालने के लिए स्थानीय प्रशासन और तटरक्षक बल के अधिकारियों की संयुक्त टीम ने अभियान चलाया। टीम ने तैरने वाले एक प्लेटफॉर्म पर जाल बांधकर शार्क को धीरे-धीरे नहर के निकास की ओर ले जाने की कोशिश की। अभियान सुबह करीब 10 बजे शुरू हुआ और अधिकारियों को लगा वो काफी हद तक कामयाब रहे।

लेकिन फिर शाम करीब छह बजे शार्क नहर के बाहर एक घाट के पास पानी में दिखाई दी। इससे अधिकारियों को संकेत मिला कि वह फिलहाल नहर से बाहर निकल गई है। हालांकि, जिस स्थान पर उसे देखा गया, वह खुला समुद्र नहीं है। इसलिए उसके दोबारा नहर में लौटने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।

इससे पहले शार्क को समुद्र तक पहुंचाने के दो प्रयास असफल रहे थे। इसके बाद अधिकारियों ने कुछ समय तक उसके अपने आप नहर से बाहर निकलने का इंतजार किया। लेकिन पानी का तापमान गिरने और शार्क के जीवित रहने को लेकर बढ़ती चिंता के कारण तीसरी बार अभियान चलाने का फैसला किया गया।

करीब तीन मीटर लंबी इस शार्क की मौजूदगी ने बुसान में लोगों की उत्सुकता बढ़ा दी थी। स्थानीय लोगों और पर्यटकों के लिए यह आकर्षण का केंद्र बन गई। इसके चलते नहर के आसपास बड़ी संख्या में लोग जुटने लगे।

अधिकारियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती शार्क को बिना नुकसान पहुंचाए नहर से बाहर निकालना था। इसके लिए जाल और तैरते प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल किया गया, ताकि उसे धीरे-धीरे निकास की ओर निर्देशित किया जा सके और वह फिर से नहर के भीतर न लौटे।

शार्क को खुले समुद्र तक पहुंचाने की कोशिश ऐसे समय में की गई, जब उसके स्वास्थ्य और गिरते जल तापमान को लेकर चिंता बढ़ रही थी। अधिकारियों को उम्मीद है कि नहर से बाहर निकलने के बाद वह धीरे-धीरे खुले समुद्र की ओर बढ़ जाएगी।

--आईएएनएस

केआर/