'बुराइयों और नशे की लत का करें दहन', दशहरे पर युवाओं से शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी की अपील
भागलपुर, 20 अक्टूबर (आईएएनएस)। बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने दशहरे के अवसर पर युवाओं से अपने अंदर की बुराइयों और नशे की लत को खत्म करने की अपील की। उन्होंने युवाओं से स्वामी विवेकानंद के आदर्शों को अपनाने और देश को विश्व के मानचित्र पर स्थापित करने की जिम्मेदारी निभाने का आह्वान किया। साथ ही, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और रोबोटिक साइंस के बढ़ते दौर में तकनीकी विशेषज्ञता विकसित करने पर जोर दिया, ताकि बिहार ज्ञान और नवाचार के क्षेत्र में आगे बढ़कर दुनिया का मार्गदर्शन कर सके।
मिथिलेश तिवारी ने कहा कि दशहरे पर रावण दहन केवल एक परंपरा नहीं, बल्कि हर बुराई और अधर्म के अंत का प्रतीक है। इसी भावना के साथ उन्होंने देश की युवा शक्ति से अपने भीतर की बुराइयों और नशा सेवन की आदतों को खत्म करने की अपील की। उन्होंने कहा कि रावण दहन जब हम करते हैं तो हर बुराई का दहन करते हैं, हर अधर्म का दहन करते हैं। मंत्री ने युवाओं से अपने अंदर के स्वामी विवेकानंद को जगाने और समाज में व्याप्त बुराइयों को दूर करने का संकल्प लेने को कहा।
उन्होंने कहा कि युवाओं का जीवन देश के लिए अमूल्य धरोहर है। युवाओं से अपेक्षा है कि वे स्वामी विवेकानंद के आदर्शों पर चलते हुए भारत को विश्व के मानचित्र पर स्थापित करने की जिम्मेदारी निभाएं। दशहरा युवाओं के लिए अपनी बुराइयों का त्याग कर अच्छाइयों को जागृत करने का अवसर है।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को लेकर मोहन भागवत के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए शिक्षा मंत्री ने कहा कि एआई और रोबोटिक साइंस तकनीक के क्षेत्र में महत्वपूर्ण शोध हैं। इनके जरिए कई काम आसान हो सकते हैं, लेकिन इन तकनीकों का विकास और संचालन मनुष्य ही करता है। तकनीक कितनी भी आगे बढ़ जाए, उसे विकसित करने वाले व्यक्ति का सही और सक्षम होना जरूरी है। मनुष्य अपने गुणों और क्षमताओं को तकनीक में समाहित करता है, जिसके आधार पर उसका परीक्षण और संतुलन किया जाता है। इसलिए तकनीकी प्रगति के साथ मानव संसाधन को भी सक्षम बनाना आवश्यक है।
मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि युवाओं को एआई के दौर में केवल तकनीक का उपयोग करने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उसमें विशेषज्ञता भी हासिल करनी चाहिए। इससे तकनीक का बेहतर इस्तेमाल हो सकेगा।
बिहार के ज्ञान और तकनीकी क्षेत्र में आगे बढ़ने की संभावनाओं पर मिथिलेश तिवारी ने कहा कि बिहार हमेशा से ज्ञान की धरती रहा है और राज्य फिर से इसी पहचान को मजबूत करेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि बिहार भविष्य में विश्व को मार्गदर्शन देने की भूमिका निभाएगा।
--आईएएनएस
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