बसपा का वोट शेयर 21 से गिरकर 9 प्रतिशत हुआ, मायावती ईवीएम को दे रहीं दोष: अजय आलोक
पटना, 28 सितंबर (आईएएनएस)। बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) प्रमुख मायावती के बयान पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय प्रवक्ता अजय आलोक ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने विपक्षी दलों के गठबंधन, ईवीएम और मायावती के राजनीतिक प्रदर्शन को लेकर कई सवाल उठाए। अजय आलोक ने कहा कि हर व्यक्ति कभी न कभी अपना असली रंग दिखा ही देता है।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय प्रवक्ता अजय आलोक ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत करते हुए कहा कि यह हारे हुए और निराश लोगों का गठबंधन है। 2012 से अब तक मायावती की हालत देखिए। उनका वोट शेयर 21 प्रतिशत से गिरकर 9 प्रतिशत पर आ गया है। अब कुछ नहीं बचा है, इसलिए वे बेवजह ईवीएम पर दोष मढ़ती हैं। गलती तो उन्हीं में है।
बता दें कि बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) की प्रमुख और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने देश में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) के इस्तेमाल को तुरंत बंद करने और फिर से बैलेट पेपर (मतपत्र) से चुनाव कराने की पुरजोर मांग की है।
अजय आलोक ने अपने बयान में गन्ने की फसल का उदाहरण देते हुए कहा कि किसी फसल को एक बार बोने के बाद लगातार उसकी कटाई नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों को भी समय-समय पर नए सिरे से मेहनत करनी पड़ती है। केवल पुराने राजनीतिक आधार के भरोसे लंबे समय तक सफलता हासिल नहीं की जा सकती।
मायावती के बयान और विपक्षी दलों के बीच संभावित राजनीतिक समीकरण को लेकर पूछे गए सवाल पर अजय आलोक ने कहा, “कौन जाने? उनके अपने ही जोड़-तोड़ के गणित होंगे। हमें तो इसके बारे में बिल्कुल पता नहीं है।”
इंडी गठबंधन पर निशाना साधते हुए भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि यह पूछना जरूरी है कि आखिर किस इंडी गठबंधन की बात की जा रही है। उन्होंने विपक्षी गठबंधन को 'अहंकारी, हारे हुए और निराश लोगों का जमावड़ा' बताया।
अजय आलोक ने विपक्ष पर चुनावी प्रक्रिया और संवैधानिक संस्थाओं को लेकर जनता के बीच अविश्वास पैदा करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यह विपक्ष की 'सोची-समझी और सुनियोजित टूलकिट' है, जिसका उद्देश्य माहौल खराब करना और जनता के बीच अविश्वास पैदा करना है।
उन्होंने आगे कहा कि विपक्ष को लगता है कि जनता उनकी बातों में आ जाएगी, लेकिन जनता ही उन्हें इसका जवाब देगी। अजय आलोक ने आरोप लगाया कि सत्ता से बाहर होने के कारण विपक्ष चुनाव आयोग, सुप्रीम कोर्ट और अन्य संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठा रहा है। उन्होंने कहा कि विपक्ष का रवैया लगातार टकराव वाला होता जा रहा है।
--आईएएनएस
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