सरकार की विदेश नीति और प्रशासनिक शक्ति कमजोर: सचिन सावंत
नई दिल्ली, 21 मार्च (आईएएनएस)। मध्य-पूर्व संकट के बीच देश में राजनीतिक बयानबाजी तेज है। इस बीच कांग्रेस नेता सचिन सावंत ने शनिवार को केंद्र सरकार की विदेश नीति पर सवाल उठाया।
कांग्रेस नेता सचिन सावंत ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत करते हुए कहा, "भाजपा लगातार देश को बताने की कोशिश कर रही थी कि भारत पर युद्ध का कोई असर नहीं पड़ेगा, लेकिन यह बात बुनियादी तौर पर नजर नहीं आती है। भाजपा का रवैया हमेशा से ऐसा ही रहा है, चाहे नोटबंदी के वक्त की बात कर लें या कोरोना के वक्त की बात कर लें, उनके पास कोई ऐसा ढांचा नहीं है कि वह देश की जनता को संरक्षित कर पाएं।"
उन्होंने आगे कहा, "देश की विदेश नीति पूरी तरह से डामाडोल हो चुकी है और 56 इंच की छाती बताने वाले गायब हैं। आज पासपोर्ट की कीमत बहुत ज्यादा बढ़ रही है, लेकिन उनके पास इतनी हिम्मत नहीं है कि वे अमेरिका के खिलाफ कुछ शब्द निकालें। सरकार की विदेश नीति और प्रशासनिक शक्ति में कमजोरी नजर आ रही है, जिसका खामियाजा देश को भुगतना पड़ रहा है।"
सचिन सावंत ने महाराष्ट्र में ढोंगी बाबा के पर्दाफाश को लेकर कहा, "जो झूठे बाबा हैं, उन्हें सरकार में बहुत ज्यादा तवज्जो और राजनीतिक समर्थन मिला है। जिनके साथ उनकी फोटो नजर आ रही है, उसमें दिख रहा है कि महायुति के नेता इस बाबा के साथ लगे हुए हैं। जहां तक रूपाली चाकणकर की बात है, वह स्वयं महिला आयोग की अध्यक्ष थीं और इस अंधविश्वास में लिप्त थीं। अगर नेतागण खुद अंधविश्वास में लिप्त रहेंगे तो वह जनता को किस तरह से समझा पाएंगे? देश में संविधान ने वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाने की बात कही, लेकिन जिस तरह से ढोंग के रास्ते अपनाए जा रहे हैं, वह भाजपा की ही देन है।"
कांग्रेस नेता ने मथुरा में फरसा वाले बाबा की मौत को लेकर कहा, "नफरत की राजनीति का कितना असर हो रहा है, यह बार-बार दिख रहा है। इस घटना की कड़ी शब्दों में निंदा करनी चाहिए। किसी को भी कानून हाथ में लेने का अधिकार नहीं है। अगर ऐसी घटनाएं हो रही हैं तो सरकार को कार्रवाई करनी चाहिए।"
--आईएएनएस
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